भारत

आने वाले 100 साल सहकारिता के होंगे: शाह

जयपुर- 17 जुलाई केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज 98 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में सहकारिता की सक्रिय भूमिका है और आने वाले 100 साल सहकारिता के होंगे। सहकारिता के माध्यम से ऊंटों की नस्ल के संरक्षण और ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर रिसर्च हो रहा है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री शाह गुरुवार को राजस्थान के जयपुर जिले के दादिया ग्राम में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर आयोजित ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष मनाने की शुरुआत भारत से हुई है। जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही इसके प्रथम कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर गांव, गरीब और किसान तक सहकारिता को पहुंचाने के लक्ष्य के साथ केन्द्र सरकार में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज 98 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में सहकारिता की सक्रिय भूमिका है और आगामी 100 साल सहकारिता के होंगे। उन्होंने कहा कि देश के धान और गेहूं की खरीद में लगभग 20 प्रतिशत योगदान सहकारिता का है, जबकि 35 प्रतिशत उर्वरक और 30 प्रतिशत चीनी का उत्पादन सहकारिता के माध्यम से होता है। 20 प्रतिशत से ज्यादा उचित मूल्य की दुकानें (फेयर प्राइस शॉप) भी सहकारिता के माध्यम से चलती हैं।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के चार वर्ष के भीतर हमने 61 पहलों के जरिये सहकारिता को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दो लाख नए प्राथमिक कृषि साख समितियाँ (पैक्स) बनाने का काम शुरू हो गया है, इनमें से 40 हजार पैक्स बना लिए गए हैं। सभी पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है और सभी राज्यों ने पैक्स के मॉडल बायलॉज़ स्वीकार कर लिए हैं। गोदाम भी बनाए जा रहे हैं। ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, एक्सपोर्ट और बीज संवर्धन के लिए नई सहकारी संस्थाएं बनाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि आज राजस्थान देश के कृषि विकास में बहुत बड़ा योगदान कर रहा है। देश में ग्वार का 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादन राजस्थान में हो रहा है। सरसों का 46 प्रतिशत, बाजरे का 44 प्रतिशत, तिलहन का 22 प्रतिशत और मिलेट्स का 15 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में ही हो रहा है। इन फसलों के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले नंबर पर है। मूंगफली का 18 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में हो रहा है और इसके उत्पादन में वह देश में दूसरे नंबर पर है, वहीँ ज्वार, चना, दलहन और सोयाबीन के उत्पादन में राजस्थान तीसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि मोदी ने बीते 11 साल के अपने कार्यकाल के दौरान गेहूं की एमएसपी में 73 प्रतिशत, चने में 82 प्रतिशत, सरसों में 95 प्रतिशत और मूंगफली की एमएसपी में 82 प्रतिशत वृद्धि की है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान को पूरा देश ऊंटों की भूमि के तौर पर जानता है। सहकारिता के माध्यम से ऊंटों की नस्ल के संरक्षण और ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर रिसर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे आगामी दिनों में ऊंटों के अस्तित्व पर कोई खतरा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की मौजूदा सरकार ने बहुत कम समय में ढेर सारे काम किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पूरा राज्य पेपर लीक के मामलों से त्रस्त था, लेकिन राजस्थान की सरकार ने एसआईटी गठित कर पेपर लीक माफिया को कठोर संदेश भेजा है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 11 साल के कार्यकाल में 60 करोड़ गरीबों के लिए घर, शौचालय, बिजली, गैस, पांच किलो मुफ्त अनाज और पांच लाख रुपये तक के इलाज और मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्थान में बहुत अच्छी तरह हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल ने सहकारिता मंत्रालय की सभी पहल को लागू किए जाने में राजस्थान को देश के शीर्ष राज्यों में शामिल किया है और उनके प्रयास से राजस्थान में सहकारिता मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश 11वें नंबर से छलांग लगाकर अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कांग्रेस सरकार के दौरान देश आए दिन होने वाले आतंकवादी हमलों से त्रस्त था। लेकिन जब उरी में हमला हुआ तो मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा में हमला हुआ तो एयर स्ट्राइक की और पहलगाम में हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के घर में जाकर आतंकवादियों के ठिकाने उड़ा दिए।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया गया है कि कोई भी भारत के नागरिक, भारत की सेना और भारत की सीमा के साथ छेडखानी न करे, वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं। मोदी जी ने यह संदेश देकर एक समृद्ध, सुरक्षित और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का काम किया है।

इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न जिलों के 8 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में आज 24 अन्न भंडारण गोदाम और 64 मिलेट आउटलेट्स का वर्चुअल लोकार्पण, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण वितरण, दुग्ध उत्पादक समितियों को माइक्रो एटीएम का वितरण, दो उत्कृष्ट प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का सम्मान किया गया। साथ ही श्वेत क्रांति 2.0 प्राइमरी डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटी (पीडीसीएस) ऑनलाइन पंजीकरण प्लेटफॉर्म का शुभारंभ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त ग्राम अभियान के तहत सफलता की कहानियों के संकलन तथा वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत सफलता की कहानियों के संकलन का विमोचन किया गया। इसके अलावा, राजस्थान पुलिस को दिए गए 100 नए वाहनों को फ्लैग-ऑफ किया गया।

इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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