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अमेरिका ने रूस से तेल आयात पर लगाया प्रतिबंध,जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड ने की तौबा

वाशिंगटन- 08 मार्च। यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका व पश्चिमी देशों और रूस के बीच कच्चे तेल के कारोबार की जंग तेज हो गई है। अमेरिका ने रूस से कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड ने भी रोक लगाने के पुख़्ता संकेत दिए हैं लेकिन पश्चिमी जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड ने रोक लगाने के लिए अपने हाथ खींच लिए हैं।

व्हाइट हाऊस में मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी तेल के आयात पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है। बाइडेन ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका तेल और ईंधन पर अपनी नई टेक्नॉलाजी पर निर्भर होने पर काम करेगा। बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रूस मानवीय अधिकारों की लगातार घोर उपेक्षा कर रहा है। बाइडेन ने अमेरिका की कांग्रेस से यूक्रेन की मदद के लिए 12 अरब डॉलर की सहायता मंजूर करने के लिए कहा है।

इससे पहले क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्रि पेसकोव ने धमकी दी थी कि अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस के कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाई,तो रूस जर्मनी को नोर्ड स्ट्रीम दो पाइपलाइन से निर्यात की जाने वाली गैस की सप्लाई बंद कर देगा। सोमवार को तेल की राजनीति के दबाव में अमेरिकी राष्ट्रपति जोई बाइडन ने फ़्रांस,जर्मनी और इंग्लैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बातचीत कर रूस से आयातित कच्चे तेल पर प्रतिबंध लगाए जाने जाने का आग्रह किया था। अमेरिकी कांग्रेस में सत्ताधारी डेमोक्रेट और विपक्ष में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने रूस से तेल के आयात को लेकर व्हाइट हाउस पर दबाव बनाते हुए कांग्रेस में विधेयक लाने की बात की थी।

उल्लेखनीय हे कि अमेरिका तेल की कुल खपत का सात प्रतिशत तेल रूस से आयात करता है। आर्थिक प्रतिबंधों के सिलसिले में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने ईंधन और कुछ अन्य औद्योगिक उत्पादों को प्रतिबंधों की सूची से बाहर रखा था।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी के चांसलर ओलैफ़ शोलज ने जो बाइडन से दो टूक शब्दों में कहा कि वह रूस से आयातित चालीस प्रतिशत गैस पर निर्भर हैं,जिसका फ़िलहाल कोई विकल्प नहीं है। रूस के उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने तेल की आपूर्ति में व्यवधान होने पर गैस आपूर्ति बंद करने की धमकी भी दे दी है। स्विट्ज़रलैंड ने भी यह कह कर अपनी असमर्थता जताई कि वह रूस के आयातित ईंधन,धातु,अनाज पर निर्भर हैं। स्विट्ज़रलैंड में जेनेवा और जुग में रूस की तीन ईंधन कंपनियों गलूकोर,गुन्वॉर और मेरकुइर के दफ़्तर हैं,जहां दस हज़ार लोग काम करते हैं। इस संदर्भ में अमेरिका का जवाब है कि यूरोपीय देश ईंधन पर प्रतिबंध नहीं लगाते हैं,तो वह एकाकी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।

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