
अंग्रेजों ने जो नहीं कर पाए उसे अपनों ने कर दिया: आजाद
कठुआ- 18 नवंबर। जम्मू कश्मीर के जिला कठुआ में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया जिसमें जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद सहित उनके समर्थकों ने भाग लिया। जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद,पूर्व एमएलसी जुगल किशोर, पूर्व मंत्री मनोहर लाल शर्मा,पूर्व एमएलसी सुभाष गुप्ता सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। कठुआ के दयाला चक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा कि 5 अगस्त 2019 जब जम्मू कश्मीर और लद्दाख के बीच बंटवारा हुआ तब से लेकर आज तक राज्य में ऐसा माहौल बना जिसके कारण जनसभाएं करना असंभव था। उन्होंने कहा कि पहले कोरोना काल में 2 साल घरों में बंद रहे, उसके बाद कई बार मैं जम्मू-कश्मीर आना चाहता था लेकिन मुझे एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया जाता था। जबकि भाजपा के मंत्री जम्मू कश्मीर की गली गली में घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दो सालों में हमारे कई जवान शहीद हो गए और कई स्थानीय लोग भी आंतकवाद के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू कश्मीर छिन्न-भिन्न हो गया
वहीं भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए आजाद ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की सरकार बनी तो 1990 से जो भी काम अधूरे थे उसे 3 शिफ्टों में काम करके मैंने उस अधूरे कार्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि अपने राजनीति के 45 वर्षों में 3 शिफ्टों में काम करके लोगों को सेवा की। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार थी तो सब हमने कभी भी जाति के नाम पर, गांव के नाम पर, शहर के नाम पर, मजहब के नाम पर कभी राजनीति नहीं की। रोशनी एक्ट पर बोलते हुए आजाद ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में लोगों को जमीन दी लेकिन मौजूदा सरकार ने उस पर सीबीआई जांच करवाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 1947 में हमारे देश की आबादी 32 लाख थी जोकि आज बढ़कर 150 करोड़ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि जो 120 करोड जनता है उन्हें भी रहने के लिए जगह चाहिए, खेती के लिए जगह चाहिए। क्या जो सरकारी जमीनें बंजर पड़ी है क्या उन जमीनों को उन 120 करोड़ जो लोग हैं उनको नहीं दे सकते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले नेशनल कांफ्रेंस की सरकार बनी उन्हें भी मौका दिया गया, उसके बाद पीडीपी को भी सरकार बनाने का मौका दिया गया, बाद में कांग्रेस को भी मौका मिला और उसके बाद अब भाजपा को भी मौका मिला। लेकिन जो भाजपा ने किया उसे जम्मू कश्मीर की जनता कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी चुनाव होते हैं तो उस वक्त हिंदू मुस्लिम के नाम पर राजनीति नहीं करें। उस वक्त सिर्फ उम्मीदवार एवं वोटर समझ कर उन्हें वोट करें। उन्होंने कहा कि जब मंदिर बनाना होगा तो सब हिंदू एक हो जाएं, जब गुरुद्वारा बनाना होगा तो सब सिख एक हो जाएं, जब मस्जिद बनानी होगी जब सभी मुस्लिम एक हो जाएं, लेकिन जब सरकार बनानी होगी तो तब सिर्फ उम्मीदवार और वोटर का ही रिश्ता होना चाहिए ना कि धर्म की राजनीति की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वह कर दिया जो आज तक अंग्रेज नहीं कर पाए। जम्मू-कश्मीर को अंग्रेज भी तोड़ कर पाए लेकिन अपने ही लोगों ने इसके दो हिस्से कर दिए। 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू कश्मीर की पहचान खत्म कर दी। वहीं अंत में उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।



