
बिहार
महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग, बरसेगी शिव की कृपा: पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी:- 14 फरवरी। महाशिवरात्रि पर तीन सौ साल बाद चतुर्ग्रही योग सहित आठ महासंयोग बन रहे हैं। जिससे भगवान शिव,पार्वती, विष्णु और लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी। महाशिवरात्रि की महिमा का बखान करते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वर्षभर की 12 शिवरात्रि में महाशिवरात्रि सबसे श्रेष्ठ होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि का व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। केवल शिवरात्रि का व्रत कर लेता है तो उसे वर्ष भर के व्रत आदि का पुण्य प्राप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर आठ महासंयोग के साथ चतुर्ग्रही योग का अद्भुत समागम हो रहा है।
पहला चतुर्ग्रही योग, दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग, तीसरा व्यतिपात योग, चौथा बुधादित्य योग, पांचवां लक्ष्मी नारायण योग, छठा शुक्र आदित्य योग, सातवां महालक्ष्मी योग तथा आठवां श्रवण नक्षत्र योग शामिल हैं। लक्ष्मी नारायण योग एवं महालक्ष्मी योग पड़ने से इस वर्ष महाशिवरात्रि पर माता लक्ष्मी और नारायण की विशेष कृपा बरसेगी। इसके अलावा इन संयोगों के पड़ने से शिवरात्रि आम जनमानस के लिए बहुत ही खास होगी। 15 फरवरी को चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ शाम को लगभग पांच बजकर पांच मिनट से प्रारंभ होगा।



