
महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैः जिलाधिकारी
मधुबनी- 08 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को नगर भवन मधुबनी में आयोजित कार्यक्रम का जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यह संकल्प का दिन है और हम सभी संकल्प तभी ले पाएंगे जब हम सभी इतिहास में झांकेंगे। पहले कृषि प्रधान समाज में जितने बच्चे होंगे, उतना बच्चा जमीन पर कार्य करेगा। जिससे घर में खुशहाली आयेगी। इसी लिए बच्चों को जन्म देना और पालन पोषण करना ही उद्देश्य था। जब औद्योगिक विकास हुआ तब औद्योगिक समाज मे मशीन के द्वारा काम होने पर मशीन महिला चलाये या पुरुष उत्पादन समान ही होने लगा। नौकरीपेशा समाज मे आपकी विद्वत्ता,आपका मैरिट महत्व रखता है। जिसके कलम में जितनी ताकत होगा, वही सक्षम है। ताकत कलम के आधार पर आ गयी, तो महिला-पुरुषों में समानता आ गयी। अब यह निर्भर करता है कि कौन कितनी शिद्दत से पढ़ाई या अपने कार्यों को करता है, उसी से उसकी पहचान बनता है। वर्तमान समय में बच्चों के पालन-पोषण का कार्य भी दोनों समान रूप से कर रहे है।
उन्होंने कहा कि उनके नजर में ऑफिसर होता है महिला और पुरूष नही होता है। डॉक्टर डॉक्टर होता है महिला-पुरुष नही होता है। वकील वकील होता है, महिला-पुरुष नही होता है। आप कितने शिद्दत से अपने कार्याे को करते है यह मायने रखता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वे अपनी टीम के सभी पदाधिकारियों को समान रूप से कार्य पूर्ण नही होने पर डांटते है एवं समान रूप से सम्मानित भी करते है। महिला-पुरुष जैसा कोई भेद नही करते है। इसी का परिणाम है कि बिहार विधानसभा 2025 में मतदान कर्मियों की कमी को देखते हुए उनके द्वारा पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए महिला कर्मियों को निर्वाचन कार्य में लगाया गया। जिसका सुखद परिणाम यह हुआ कि मधुबनी जिला को पहली बार देश के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा मेडल प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। जिसका एकमात्र साधन शिक्षा है। सभी अभिभावकों को अपने-अपने बच्चियों को लड़को के जैसे शिक्षित करने की आवश्यकता है। साथ ही वैसे सभी रुकावटों को दूर करने की भी जरूरत है, जो लड़कियों को आगे बढ़ने से रोकता है।
उन्होंने सभी को महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई भी दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस उपाधीक्षक रश्मि ने सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी महिलाओं को असुरक्षा का एहसास हो, वे निःसंकोच होकर पुलिस की मदद लें।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली वकालत के क्षेत्र विक्रमशिला देवी, राजनीति के क्षेत्र में सोनी कुमारी, सीडीपीओ रेखा कुमारी,सीडीपीओ स्वेता कुमारी,मिथिला पेंटिंग के क्षेत्र में सुमित कुमारी, प्रनिधि ज्वाला,विद्या मंडल,सिद्धि कुमारी,चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ रागनी कुमारी,डॉ अंजू कुमारी, डॉ अनामिका,महिला उद्यमी नूतन झा, प्रिया कुमारी, कंचन कुमारी,जुली कुमारी, विभा देवी बैंकिंग के क्षेत्र में कुमारी रश्मि,सपना कुमारी,किरण कुमारी,कोमल सांडिल ग्रामीण बैंक से जुड़ी पुष्पा सिंह, मोनिका कुमारी,रीति,रूपम कुमारी,खेल के क्षेत्र सहित कई महिला पर्यवेक्षिकाओ एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं को पाग-दोपट्टा से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शारदा कुमारी ने किया। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक रश्मि,डीपीआरओ परिमल कुमार, सहायक निदेशक,नितेश कुमार पाठक, जिला शिक्षा पदाधिकारी,अक्षय पांडे,डीपीओ आईसीडीएस,डॉ ललिता कुमारी सहित जिले के कई प्रखंडों की सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका तथा अन्य कर्मी आदि उपस्थित थी।



