भारत

दुनिया में कहीं भी रहें, अपनी माटी और संस्कृति से जुड़े रहेंः ओम बिरला

नई दिल्ली- 31 मार्च। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का मानना है कि व्यक्ति जीवन में कहीं भी रहे, उपलब्धि का कितना भी ऊंचा शिखर छू ले, लेकिन अपनी माटी से सदैव जुड़ा रहे। माटी से जुड़ा हुआ व्यक्ति अपने संस्कार-संस्कृति, परंपराओं और विरासत को समृद्ध बनाता है। ओम बिरला ने अपने मन के यह भाव माटी संस्था द्वारा आयोजित एक समारोह में व्यक्त किए। माटी संस्था देश की राजधानी में पूर्वांचल की संस्कृति की पहचान को बनाए रखने के लिए कार्य करती है।

लोकसभा अध्यक्ष ने राजघाट स्थित गांधी दर्शन एवं स्मृति परिसर में आयोजित नौंवे पूर्वांचल महोत्सव के मुख्यातिथ के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के साथ ही दुनियाभर में पूर्वांचल के लोगों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पूर्वांचल के लोगों ने देश की आजादी के आंदोलन से लेकर आध्यात्मिक जागृति में योगदान तक पूर्वांचल के लोगों ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने सूरीनाम की यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीकी देशों में जाकर बसने वाले पूर्वांचल के लोगों ने बेहद कष्ट सहकर भी अपनी विरासत और पहचान को अब तक संजोकर रखा है। वे सब इस पर गर्व करते हैं। संसद से लेकर समाज तक, गांव से लेकर वैश्विक मंचों तक, पूर्वांचल की प्रतिभा, परिश्रम और प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

पूर्वांचली समाज को जीवट, कर्मठ और देशभक्त बताते हुए उन्होंने कहा कि भोजपुरी बोली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग एक न एक दिन अवश्य पूरी होगी।

इससे पूर्व माटी संस्था के कल्पनाकार और उसके संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय ने कहा कि पूर्वांचल एक संस्कृति है, जो पूरी दुनिया में फैली है। हमारा प्रयास है कि किन्हीं भी कारणों से अपनी माटी से दूर जन्मे और स्थापित हो गए लोगों को उनकी विरासत और संस्कृति से जोड़कर रखा जाए ताकि वे उस पर गर्व कर सकें।

आपातकाल की स्मृतियों के सबसे सशक्त कलमकार रामबहादुर राय ने कहा कि इस अगस्त से सुप्रसिद्ध उपन्यासकार और लेखक राही मासूम रजा का जन्मशताब्दी वर्ष होगा। रजा ने आपातकाल का चित्रण करते हुए कटरा बी आर्जू नामक एक इतिहास लिखा है। इस नाते भारत सरकार से मांग है कि रजा के जन्मशताब्दी वर्ष को बृहद स्तर पर मनाया जाए।

दिल्ली के गांधी दर्शन प्रांगण में माटी संस्था द्वारा आयोजित पूर्वांचल महोत्सव-9 का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक परंपरा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पूर्वांचल केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि विचार, साधना और सृजन की भूमि है, जिसने सदियों से समाज को दिशा दी है।

वरिष्ठ सांसद एवं माटी के संरक्षक जगदंबिका पाल ने कहा कि सम्मानित व्यक्तियों ने राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देकर पूर्वांचल का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बतौर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा संसद की कार्यवाही के संचालन और उसे सुगम बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की। समारोह में छह प्रमुख हस्तियों फैज़ अहमद किदवई, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, प्रोफेसर वंदना सिंह, रवि शंकर राय, राजेश सिंह दयाल और अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी को “माटी सम्मान-9” से सम्मानित किया गया। इससे उद्घाटन सत्र में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पूर्वांचल की मिट्टी में व्यक्तित्व निर्माण की अद्भुत शक्ति है और माटी संस्था इसी शक्ति का प्रतीक बनकर उभर रही है। कार्यक्रम में बृज भूषण शरण सिंह, विजय गोयल और सांसद राजीव राय सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन में दिलीप पांडेय, कलीम कैसर और नर कंकाल ने अपनी कविताओं से समा बांधा जबकि महेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा रचित भोजपुरी हास्य नाटक “मास्टर गणेशी राम” ने दर्शकों को खूब हंसाया। कार्यक्रम का समापन इंडियन ओशन बैंड की लाइव प्रस्तुति के साथ हुआ।

इसके अलावा महोत्सव में पूर्वांचली व्यंजनों पूड़ी-सब्जी, बाटी-चोखा, दाल का दूल्हा, लौंग लता और इमरती का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। संत कबीर को समर्पित प्रदर्शनी, बनारसी साड़ी और हस्तशिल्प स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

माटी संस्था के संयोजक आसिफ़ आज़मी ने बताया कि संस्था जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में एक पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपरा को और मजबूती मिलेगी।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button