
MADHUBANI:- यूपीएससी में हरलाखी के उत्सव आनंद व बेनीपट्टी के उमाशंकर ने लहराया परचम
मधुबनी-30 मई। संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 में मधुबनी जिले के उत्सव आनंद 26वां रैंक एवं उमाशंकर को 167 वां रैंक मिला है। पहले ही प्रयास में उत्सव आनंद ने यह सफलता मिली है। उत्सव आनंद मूल रूप से मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत खिरहर गांव के निवासी हैं। पिता श्याम सुंदर कामत एवं माता माला कुमारी के छोटे पुत्र उत्सव आनंद आईआईटी के छात्र रहे हैं। पिछले वर्ष ही उत्सव ने आईआईटी फाइनल किया था। जिसके बाद पहले ही प्रयास में सिविल सेवा 2021 के परीक्षा में उन्हें बड़ी सफलता मिली है। देवघर कास्टर टाउन के रहने वाले उत्सव आंनद ने आईआईटी मुंबई से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उत्सव ने आईआईटी की परीक्षा भी पहले ही प्रयास में उतीर्ण की थी। जिसमें उन्हें आल इंडिया 97वां रैंक मिला था। उत्सव के बड़े भाई ऋषभ राज भी आईआईटी इंजिनियर है। वे माइक्रोसॉफ्ट में हैदराबाद में जॉब कर रहे हैं। उत्सव के पिता श्याम सुंदर कामत झारखंड सरकार में पथ निर्माण विभाग में अभियंता हैं। वहीं माता कुशल गृहिणी हैं।

उत्सव का पूरा परिवार देवघर में ही रहता है,उत्सव भी अभी देवघर में ही हैं। अपने पुत्र के सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए पिता श्याम सुंदर कामत ने बताया कि उत्सव की सफलता से हम सभी काफी खुश हैं,उत्सव ने अपनी मेहनत से उत्सव का माहौल दिया है। अपने पैतृक गांव खिरहर से लेकर सारे नाते-रिश्तेदारों का कॉल आ रहा है। सभी लगातार शुभकामनाएं व बधाई दे रहे हैं। आगे उन्होंने अपने पुत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव ने रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ देवघर से अंतर स्नातक तक की पढ़ाई की। जिसके बाद उन्होंने आईआईटी में पहले ही प्रयास में आल इंडिया 97वां रैंक लाकर सफलता हासिल की थी। पिछले वर्ष आईआईटी कम्प्लीट करने के बाद वर्क फॉर्म होम में ही कुछ महीने काम किया, लेकिन उसनें महज 6-7 महीने में ही नौकरी छोड़ दी और घर से ही संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 की तैयारी करनी शुरू कर दी थी। वहीं उत्सव के पिता श्याम सुंदर कामत ने अपने गांव को लेकर बताया कि हमारे पैतृक गांव हरलाखी प्रखंड के खिरहर से परिवार का नाता बना हुआ है।
वहीं बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र के परजुआर गांव के मूल निवासी उमाशंकर प्रसाद ने दुबारा यूपीएससी में सफलता हासिल की है। उन्होने 167वां रैंक प्राप्त किया है। फिलहाल, वे हैदराबाद में आईपीएस का ट्रेनिंग ले रहे है। उमाशंकर प्रसाद ने 2019 के यूपीएससी परिणाम में 354 रेंक प्राप्त किया था। हालांकि, वे इस परिणाम से बेहद खुश नहीं थे। बताया जा रहा है कि वे शुरू से ही आईएएस का सपना मन में पाल कर कठिन मेहनत कर रहे थे। तथा उन्होंने पुनः यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होने का मन बना लिया था। उमाशंकर प्रसाद के बड़े भाई जयशंकर प्रसाद जो बैंक ऑफ बड़ौदा में सीनियर प्रबंधक के पद पर है,उन्होंने बताया कि उमाशंकर प्रसाद पढ़ने में शुरू से ही मेधावी था। परिवार का पूरा सपोर्ट था। उसकी प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली के चिन्मया मिशन से हुई। बाद में वे कोटा पहुंच इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। आईआईटी खड़गपुर से उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग कर हैदराबाद के डॉ रेडीज लैब में तीन वर्ष काम कर वर्ष 2019 में इस्तीफा देकर दिल्ली पहुंच गए। जहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की। जयशंकर प्रसाद बताते है कि उनका पूरा परिवार शिक्षित है और बेहतर मुकाम पर है। उनके एक भाई रमाशंकर प्रसाद जो फिलहाल नार्थ ईस्ट में तैनात है।



