
दरभंगा में तीसरे केन्द्रीय विद्यालय को मिली मंजूरी, नामांकन इसी सत्र से होगा शुरू
दरभंगा- 08 अप्रैल। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा विस्तार योजना के तहत दरभंगा जिले में केंद्रीय विद्यालय संख्या-3 (एम्स परिसर) के तत्काल संचालन को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही दरभंगा बिहार के उन 14 जिलों में पहला जिला बन गया है, जहां सिविल सेक्टर में सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को स्वीकृति दी गई है। केंद्र सरकार ने देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को स्वीकृति दी थी। इनमें बिहार के लिए 19 विद्यालय शामिल हैं। इनमें कटिहार और सीतामढ़ी के एक-एक विद्यालय रक्षा क्षेत्र (डिफेंस सेक्टर) के लिए प्रायोजित हैं। दरभंगा में यह तीसरा केंद्रीय विद्यालय होगा।
बिहार में केंद्रीय विद्यालय विस्तार को गति देने के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के आदेश के अनुसार दरभंगा में केवी संख्या-3 को मंजूरी भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन उपलब्ध कराने जैसी अनिवार्य शर्तें पूरी होने के बाद दी गई है। विद्यालय के लिए पांच एकड़ भूमि निर्माणाधीन एम्स परिसर के समीप दी गई है। आदेश में कहा गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां तत्काल प्रारंभ की जाएं।
प्रारंभिक चरण में यह विद्यालय हनुमान नगर प्रखंड के कोल्हंटा पटोरी गांव में अस्थायी रूप से संचालित होगा, जहां बाल वाटिका (पूर्व-प्राथमिक) स्तर-1 से 3 तथा कक्षा 1 से 5 तक एक-एक सेक्शन के साथ पढ़ाई शुरू होगी। आगे चरणबद्ध तरीके से कक्षाओं का विस्तार किया जाएगा। केवीएस ने प्रवेश प्रक्रिया और शेष औपचारिकताओं को 30 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 एवं केंद्रीय विद्यालय-2 दरभंगा के प्राचार्य ऋषि रमण ने बताया कि दरभंगा वह पहला जिला है, जहां भूमि हस्तांतरण और अस्थायी व्यवस्था सहित सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं, जिससे केवी संख्या-3 को तुरंत स्वीकृति मिल सकी है।
गौरतलब है कि दरभंगा एयर फोर्स स्टेशन के समीप साढ़े 13 एकड़ में पहला केंद्रीय विद्यालय अपने भवन में कार्यरत है। इधर, केवी संख्या-2 दरभंगा का स्थायी भवन कोल्हंटा पटोरी में पांच एकड़ भूमि पर निर्माणाधीन है, जबकि फिलहाल यह विद्यालय केवी संख्या-1 परिसर में शिफ्ट व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र की नीति के तहत राज्य सरकारों को भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने के साथ अस्थायी भवन और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी होती हैं, जिसके बाद ही केवीएस संचालन की अनुमति देता है।
दरभंगा में केवी संख्या-3 की स्थापना से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, खासकर एम्स जैसे बड़े संस्थान के प्रस्तावित विकास को देखते हुए यह बहुत अनिवार्य भी है।



