
पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहींः मंत्री
मधुबनी- 12 जनवरी। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सोमवार को मधुबनी जिला अतिथि गृह में विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के सभी प्रखंड स्तरीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने जिले के विकास और पंचायती राज व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देष जिला परिषद की परिसंपत्तियों का बेहतर से प्रबंध करना है। मधुबनी जिले में जिला परिषद के पास लगभग 400 एकड़ भूमि रिक्त पड़ी है। जिसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस भूमि का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें, ताकि इसका व्यावसायिक उपयोग कर जिला परिषद की आय बढ़ाई जा सके। वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सके।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि इन जमीनों पर कहीं भी अवैध कब्जा या अतिक्रमण है, तो उसे अविलंब मुक्त कराया जाएगा। साथ ही जो दुकानें पहले से जिला परिषद की जमीन पर संचालित हैं, उनके बेहतर प्रबंधन और नियमितीकरण के लिए भी रूपरेखा तैयार करें। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पंचायत सरकार भवन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मधुबनी जिले की स्थिति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कुल 386 पंचायतों में से 122 में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 13 पंचायतों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी निर्माणाधीन भवनों को समय सीमा के भीतर पूर्ण कर उन्हें क्रियाशील बनाया जाए। प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री ने घोषणा की कि अब सभी पंचायतों में तैनात पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। उन्होंने चेतावनी किया कि पंचायत सरकार भवनों के माध्यम से दी जाने वाली जन-सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



