
SSB डायरेक्टर ने भारत-नेपाल के अधिकारियों के साथ की बैठक
मधुबनी- 25 नवंबर। सशस्त्र सीमा बल महानिदेशक अनीश दयाल सिंह शुक्रवार को 48 वीं बटालियन जयनगर के कमला एवं जानकी नगर बीओपी पहुंचे। जिसके बाद एसएसबी के अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। सीमा चोकी कमला में स्थानीय प्रशासन सिस्टर एजेंसीज और नेपाली काउंटर पार्ट के एपीएफ उपमहानिरीक्षक टी.आर.भट्टाराय व अन्य नेपाली अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा पर प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी,नकली नोटों की तस्करी,मानव तस्करी,भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण एवं वामपंथी उग्रवादी, माओवादी गतिविधिओं पर व्यापक चर्चा किया। मौके पर एसएसबी महानिरीक्षक सीमांत मुख्यालय पटना पंकज कुमार दराद,आईपीएस प्रदीप कुमार गुप्ता महानिरीक्षक प्रचालन बल मुख्यालय नई दिल्ली के रंजीत उपमहानिरीक्षक मुजफ्फरपुर,डीआईजी नेपाल गणेश ठाडा,48 वीं वाहिनी कमांडेंट आई एस पनमई,18 वी कमांडेंट अरविंद वर्मा, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार मौजूद थे। पड़ोसी देश नेपाल से सशस्त्र प्रहरी बल के उपमहानिरीक्षक टी.आर. भट्टाराय,नेपाल एसपी रमेश थापा,प्रकाश कुमार सुबेदी व अन्य नेपाली अधिकारीयों ने एसएसबी 48 वीं वाहिनी के द्वारा किए जा रहे ड्यूटी निष्पादन कार्यों की सराहना की। इस दौरान एपीएफ उपमहानिरीक्षक टीआर भट्टाराय ने 48 वी वाहिनी के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सरहाना की। साथ ही हील में नेपाल में संपन्न हुए चुनाव के दौरान सीमा पर ड्यूटी निर्वाहन के लिए 48 वी वाहिनी एसएसबी की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं कहा कि भारत नेपाल अन्तराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र भारत के साथ हमारा मैत्रीपूर्ण संबध है। इस संबंध को बरकरार रखने के लिए समय समय पर बैठक होना आवश्यक है। एसएसबी 48 वी वाहिनी ने इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगा रखा है। जिसमें नेपाल सशस्त्र प्रहरी की भी भूमिका एवं योगदान सराहनीय है। वर्तमान समय में सशस्त्र सीमा बल अंतराष्ट्रीय सीमा पर होने वाले अवैध गतिविधिओं को रोकने के लिए और स्थानीय जनता व राष्ट्र की सेवा हेतु सदैव तत्पर व तैयार है। महानिदेशक ने सीमा चोकी जानकीनगर जाकर प्रचालन गतिविधियों का जायजा लिया। तथा सैनिक सम्मलेन आयोजित कर अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। साथ ही कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने सीमा क्षेत्र दुहबी बाजार का भी दौरा किया एवं सीमा स्तम्भ संख्या-277/46 का अवलोकन किया एवं सीमा क्षेत्र में उपस्थित ग्रामीणों से मिले, जहाँ ग्रामीणों के द्वारा महानिदेशक को मिथिला परंपरा के तहत पाग दोपट्टा एवं गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।



