
मधुबनी में अंडरग्राउंड बिजली तार बिछाने का काम नहीं हो सका शुरु: समीर महासेठ
मधुबनी- 20 मार्च। पूर्व मंत्री व पूर्व नगर विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि शहर में अंडरग्राउंड (भूमिगत) बिजली के तार लगाने का कार्य अब तक शुरु नहीं हो सका है। इसको लेकर कई बार विधानसभा में सवाल उठा चुके है। सरकार को इस दिशा में शीघ्र ही कार्य शुरु कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड बिजली के तार लगाने का मुख्य फायदा बेहतर सुरक्षा, हवा, आंधी, तूफान या ठनका गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होती है। बिजली आपूर्ति बनी रहती है। इसके अलावा मेंटनेंस पर कम खर्च और रखरखाव की समस्या कम होती है। अंडरग्राउंड बिजली के तार पर मौसम का कोई असर नहीं होता है। आंधी, तूफान, तेज हवाओं के दौरान भी बिजली की लाइनें सुरक्षित रहती हैं। जिससे बिजली कटौती न के बराबर होती है। पोल पर ऊपरी तारों की तुलना में भूमिगत तारों से करंट लगने या आकस्मिक संपर्क का जोखिम कम होता है। ऊपरी तारों से पक्षियों को खतरा होता है। जमीन के नीचे और खेत में बिजली तार गिरना जानलेवा बना रहता है। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड बिजली के तार होने से शहर और कॉलोनी में लटकते तारों का मकड़जाल खत्म हो जाएगा। प्रदूषण कम होगी। शहर की सुंदरता बढ़गी। अंडरग्राउंड बिजली तार इंस्टॉल होने के बाद इन तारों में बार-बार खराबी नहीं आती है। जिससे लंबे समय में रखरखाव पर खर्च कम आता है। कमी पेड़ गिरने या वाहनों के तारों से टकराने जैसी दुर्घटनाएं नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि बरसात और आंधी के दिनों में खेतों के बीच और आसपास बिजली पोल से लगे बिजली तारों को गिरने से खेतों में काम कर रहे किसान व ग्रामीण करंट के चपेट में आने से मौत की घटना सामने आती रहती है। मधुबनी शहर में अंडरग्राउंड बिजली की तार होने का लाभ शहर से सेट ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलेगा।



