
भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक से जगत का होता कल्याण: पं. शंभूनाथ झा
मधुबनी- 31 मार्च। जिले के पंडौल प्रखंड क्षेत्र के नवहथ स्थित प्रसिद्ध बाबा जटेश्वरनाथ शिवालय पर आचार्य पं. शंभूनाथ झा द्वारा रूद्राभिषेक अनुष्ठान संपन्न किया गया। मौके पर आचार्य पं. शंभूनाथ झा ने कहा कि जगत में सत्यम शिवम सुन्दरम की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा करना आवश्यक है। भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक से संपूर्ण जगत का कल्याण होता है।

सनातन धर्म में भगवान शिव के रुद्र के साथ-साथ उनके सभी अवतारों की चर्चा करते हुए पं. शंभूनाथ झा ने कहा कि भगवान रुद्र समस्त संसार के पालन-पोषण तथा संहार की शक्ति के स्वामी हैं। यजुर्वेद में रुद्राभिषेक की महिमा का बड़ाउल्लेख मिलता है। भगवान शिव की पूजा के कई विधान है। उसमें रुद्राभिषेक अत्यंत लाभकारी है। शिव को रुद्र की संज्ञा दी गई है। रुद्राभिषेक से जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष), पापों का नाश और सात पीढ़ियों तक के लिए पुण्य की प्राप्ति होती है। धन, समृद्धि, आंतरिक शांति और ईश्वर की कृपा दिलाता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक सीख मिलती है। स्कंद पुराण और अन्य शास्त्रों के अनुसार रुद्राभिषेक से भक्त भगवान के करीब आते हैं और उनकी विशेष कृपा के पात्र बनते हैं।
उन्होने कहा कि जटेश्वरनाथ शिव की प्रसिद्ध दूर-दूर फैली है।जटेश्वरनाथ शिवलिंग की चमक देखने ही बनती है। काले रंग के यह शिवलिंग दुर्लभ माना जाता है। साल 1890 से नवहथ में एक पेड़ के नीचे जटेश्वरनाथ की पूजा-अर्चना होती आ रही थी। साल 1901 में गंभीर रोग से पीड़ित गांव के तीन लोगों की मनोकामना पूर्ण होने के बाद जटेश्वरनाथ की महिमा चहुंओर फैलने लगी। उस समय ग्रामीणों के सहयोग से यहां शिवालय का निर्माण कराया गया। शिवालय परिसर में कुआं का निर्माण किया गया। यहां पहुंचने वाले शिवभक्त शिवालय परिसर स्थित कुआं के जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करते है। जटेश्वरनाथ शिवालय में सावन व महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते है।



