
RAJASTHAN:- नाबालिग का लैंगिक उत्पीडन करने वाले चाचा को बीस साल का कारावास, अपराध की जानकारी नहीं देने पर मां-बेटी को भी सजा
जयपुर- 29 सितंबर। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-3 महानगर प्रथम ने पांच साल छह माह की भतीजी का लैंगिक उत्पीडन करने वाले चाचा को बीस साल का कारावास सुनाया है। वहीं अदालत ने इस अपराध की जानकारी होने के बावजूद इसकी सूचना सक्षम अधिकारी को नहीं देने पर अभियुक्त की मां और बहन को भी छह माह की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्तों पर कुल एक लाख दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस राशि के अलावा अदालत ने पीडिता को दो लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति देने को भी कहा है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ललिता संजीव महरवाल ने अदालत को बताया की 9 अप्रैल, 2021 को पीडिता के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि एक दिन पहले उसकी पत्नी अपनी साढे पांच साल की बेटी को मौसी के घर छोडकर गई थी। शाम को उसकी बहन ने पत्नी को फोन कर बताया कि पीडिता की तबीयत खराब हो गई है। जब पीडिता को जेके लोन अस्पताल में दिखाया तो चिकित्सकों ने उसके साथ दुष्कर्म होने की बात कही। इसके बाद पीडिता ने डॉक्टर और उसकी पत्नी को बताया कि उसके चाचा ने उसके कपडे उतार कर गलत काम किया है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त चाचा को पॉक्सो अधिनियम तथा उसकी मां व बहन को अपराध की जानकारी नहीं देने का दोषी मानते हुए अदालत में आरोप पत्र पेश किया।



