
मधुबनी में नगर निकाय आउटसोर्सिंग कर्मियों का धरना-प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा मांग पत्र
मधुबनी- 13 अप्रैल। बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाईज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 7 सूत्री मांगों के समर्थन नगर निगम आउटसॉसिंग सफाई कर्मचारी संघ, बेनीपट्टी नगर पंचायत आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी संघ द्वारा समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। मौके पर सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के जिला अध्यक्ष रामचन्द्र शर्मा ने कहा कि राज्य के नगर निकाय सहित कई विभागों में संविदा,आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था लागू कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कार्य कराने वालों का शोषण कर उनके अधिकार का हनन कर रही है। जिला महासचिव सत्य नारायण राय ने कहा कि कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे कर्मियों में भारी असंतोष आक्रोश व्याप्त है।
पूर्व में भी मांगों को पूरा करने के लिए निकाय कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल किया था। लेकिन विभागीय स्तर पर आश्वासन के बाद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है।अनिल कुमार सिंह ने कहा कि कई निकायों में बिना स्वीकृति, बिना पारदर्शी प्रक्रिया के मानवबल की नियुक्ति भी की जा रही है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। महासचिव बबलू राम ने कहा किसरकार द्वारा चतुर्थवर्गीय पदों को समाप्त कर दिया गया, लेकिन वर्षों से कार्यरत इन कर्मियों के भविष्य के संबंध में कोई नीति निर्धारित नहीं की गई। जिससे आज भी अस्थायी स्थिति में कार्य करने को विवश हैं। दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को हटाये जाने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्य करने हेतु बाध्य किये जाने की शिकायत बढ़ गई है।
प्रदर्शन में दुर्गा राम, रविराम, दुर्गा राम, रामपरी देवी, शिला देवी, रीता देवी, रानी देवी, बबलू साफी, चन्दन राम, रूबी देवी, मिथिलेश साफी अन्य ने संबोधित किया। प्रदर्शन बाद जिला प्रशासन को एक मात्र पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में मजदूर विरोधी चार लेबर कोड निरस्त करने, वर्षो से कार्यरत दैनिक, संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करने, नगर निकायों में आउटसॉसिंग व्यवस्था समाप्त कर कार्यरत श्रमिकों को निकाय कर्मी घोषित करने, सभी आउटसोर्स कर्मियों को समान काम के लिये समान वेतन सुनिश्चित करने,अनुकम्पा के आधार पर लंबित नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से करने, सेवा अवधि मे मृत्यु होने पर आश्रितों को नियुक्ति प्रदान करने, निकाय कर्मियों को सरकारी कर्मियों के समान सातवें वेतन आयोग का लाभ देने तथा पेंशन नियमावली 2016 के प्रावधानों के अनुरूप आजीवन पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।



