
NEPAL:- निजी सचिव को एनटीएनसी का अध्यक्ष नियुक्त करने पर प्रधानमंत्री कार्की की आलोचना
काठमांडू- 17 मार्च। प्रधानमंत्री के निजी सचिव आदर्श श्रेष्ठ को नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजर्वेशन (एनटीएनसी) का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद सुशीला कार्की की व्यापक आलोचना शुरू हो गई है।
जेन-जी एक्टिविस्ट रक्षा बम ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे “नैतिकता और विशेषज्ञता का मजाक” बताया है। बम का कहना है कि जैव विविधता और प्रकृति संरक्षण जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना संबंधित विशेषज्ञता वाले व्यक्ति की नियुक्ति से संस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संरक्षण में संचालित नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजर्वेशन एक ऐसी संस्था है, जो केवल प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए समर्पित है। इसमें कोई बहस नहीं होनी चाहिए कि इतनी महत्वपूर्ण संस्था का नेतृत्व उसी व्यक्ति के हाथ में होना चाहिए जिसके पास संबंधित ज्ञान और अनुभव हो। बम ने प्रधानमंत्री पर “भावनात्मक पक्षपात और भाई-भतीजावाद” का आरोप लगाते हुए कहा कि योग्य विशेषज्ञ की जगह अपने करीबी सहयोगी को नियुक्त करना गलत संदेश देता है।
बम ने यह भी स्वीकार किया कि सरकार ने देश को एक कठिन दौर से निकालने में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर निर्णय का बिना शर्त समर्थन किया जाए। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री की मंशा और सद्भावना को समझते हैं, लेकिन राज्य पोषित संस्थाओं को योग्यता और विशेषज्ञता के आधार पर चलाया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत नजदीकी या भावनात्मक आधार पर। बम ने यह भी कहा कि भले ही निजी सचिव ने प्रधानमंत्री की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो, लेकिन सरकार के कार्यकाल के अंतिम चरण में इस तरह का पद स्वीकार करना “अप्राकृतिक और अनैतिक” प्रतीत होता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि आदर्श श्रेष्ठ को नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए इस नियुक्ति को ठुकरा देना चाहिए। बम ने कहा कि इस पद को ठुकराना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी उन्हीं पर निर्भर करता है कि सरकार की उपलब्धियां अंतिम समय में किसी विवाद की वजह से धूमिल न हों।



