
PM मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच नहीं हुई कोई द्विपक्षीय वार्ता
नई दिल्ली- 16 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शंघाई सहयोग संगठन की शिखर वार्ता के दौरान कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई।
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा से एससीओ बैठक में जब पूछा गया कि क्या चीन की ओर से द्विपक्षीय बैठक का अनुरोध किया गया था तो उन्होंने जवाब में कहा कि सभी निर्धारित और अनुरोध प्राप्त द्विपक्षीय बैठकें हुईं थी।
उल्लेखनीय है कि उज़्बेकिस्तान के नगर समरकंद में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए लेकिन उनके बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई।
मोदी ने शिखरवार्ता से इतर रूस, तुर्की, ईरान और मेजबान उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं की। कूटनीतिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चा थी कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी समरकंद में द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं। इस संभावना को इस बात से भी हवा मिली थी कि एससीओ बैठक से पहले लद्दाख में चीन और भारत के बीच पीपी 15 में सैन्य टुकड़ियां पीछे हटाने को लेकर सहमति बनी थी।
शिखर वार्ता के दौरान राष्ट्रपति शी ने अगले वर्ष एससीओ की अध्यक्षता संभालने पर भारत का बधाई दी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी ने एक दूसरे से हाथ में मिलाया। लेकिन इस मुलाकात का कोई फोटोग्राफ सामने नहीं आया है। हालांकि एससीओ के पूर्ण सदस्य देशों के 8 नेताओं के समूह फोटोग्राफ के समय राष्ट्रपति शी पंक्ति के बीच में खड़े थे, वहीं प्रधानमंत्री मोदी एक और से थे। वहीं, सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के नेताओं के ग्रुप फोटोग्राफ में दोनों नेता अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आए लेकिन उनकी भाव भंगिमा अपरिचित जैसी थी। फोटोग्राफ के बाद राष्ट्रपति शी आगे बढ़े लेकिन मोदी उनसे दो तीन कदम पीछे रहे।



