
PATNA: मधुबनी मेयर पद के लिए चुनावी घोषणा पत्र मामले में 27 को आ सकता बड़ा फैसला
नगर निगम चुनाव वर्ष 2023 के नामांकन फार्म के शपथ पत्र में न्यायालय संबंधी तथ्यों को छुपाने का मसला
पटना-13 जनवरी। मधुबनी नगर निगम के मेयर पद से जुड़े राज्य निर्वाचन आयोग बिहार, पटना का 27 जनवरी को बड़ा फैसला आ सकता है। आयोग के फैसला पर निर्भर हो सकता है कि मेयर की कुर्सी सुरक्षित रहेगा या फिर से चुनाव कराने की नौबत आ सकती है। यह मामला मेयर पद के लिए चुनावी घोषणा पत्र में आपराधिक मामलों का जिक्र से जुड़ा है। सूचना का अधिकार के तहत राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़े वाद संख्या 36/2025 के अनुसार इस मामले में अंतिम सुनवाई 27 जनवरी निर्धारित है। हालांकि इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग की पिछली सुनवाई 30 दिसंबर 2025 को की गई थी।
बतादें कि राज्य निर्वाचन आयोग में लोक सूचना का अधिकार के तहत शहर के दो आवेदकों द्वारा मेयर पद के लिए चुनावी घोषणा पत्र में आपराधिक मामलों का जिक्र नहीं करने की शिकायत करते हुए जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। एक आवेदन जिले के कैटोला निवासी रामलखन दास उर्फ दिगंबर तिवारी द्वारा 27 जुलाई 2024 को मधुबनी नगर निगम निर्वाची पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त तथा जिलाधिकारी को एक आवेदन देकर मधुबनी नगर निगम चुनाव वर्ष 2023 के नामांकन फार्म के शपथ पत्र में न्यायालय संबंधी तथ्यों को छुपाने की शिकायत करते हुए कार्रवाई के तहत निर्वाचन रद्द कराने की मांग की गई है।
आवेदन में बताया गया है कि मधुबनी नगर निगम मेयर पद पर विजयी प्रत्याशी ने अपने चुनावी हलफनामा शपथ पत्र में तथ्यों को जान-बूझकर छुपाए है। आवेदन में नगर थाना मधुबनी कांड संख्या 438/19 दिनांक 17/11/19, कांड संख्या 418/18 दिनांक 18/11/18, पंडौल थाना कांड संख्या 68/18 दिनांक 30/04/18 और राजनगर थाना कांड संख्या 108/22 दिनांक 1/05/2022 में तत्कालीन राजनगर थानाध्यक्ष के समक्ष इस कांड के नामजद अभियुक्त का बयान दिनांक 17/04/2023 दर्ज रहता है। इन कांडों का जिक्र चुनाव-ब्लीचिंग हलफनामा शपथ पत्र में नहीं किया हैं। आवेदक ने आवेदन में अपने जानमाल की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।



