
पटना, 16 नवंबर। स्थानीय दानापुर में स्थित ‘विट्ठल कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में ओरियन्टेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बी० एड० कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती चन्द्रकला यादव ने परिचयात्मक उद्बोधन से कार्यक्रम का आरम्भ किया। इस कार्यक्रम में बी0 एड0 के छात्रों से साथ-साथ अनेक गण मान्य लोग उपस्थित थे। पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तथा विख्यात शिक्षा विद् डाॅ0 एल0 एम0 राम ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा से ही हम सभी तरह के बंधन से मूक्त हो सकते हैं। ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का अर्थ मोक्ष पाना है। मोक्ष का अर्थ परमात्मा में लीन होना ही नहीं अपितु ऊँच-नीच, जाति-पाति तथा क्षेत्र की सीमा से ऊपर उठकर सद्प्रवृत्ति की ओर बढ़ना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री जिया लाल आर्य ने कहा कि राष्ट्र के विकास में शिक्षकों की बड़ी भूमिका रही है। शिक्षक बनने की प्रथम सीढ़ी पर आप आ गए हैं, मेरी शुभकामना है कि आप एक अच्छे तथा आदर्श शिक्षक बनें। ज्ञान निकेतन विद्यालय के प्राचार्य श्री जे0 के0 मुख़र्जी ने इन छात्रों के मंगल भविष्य की कामना करते हुए एक कर्मनिष्ठ तथा कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक बनने को प्रेरित किया तथा राष्ट्र के विकास में एक आदर्श शिक्षक के योगदान का उल्लेख किया तथा उसी ओर अग्रसर होने के लिए छात्राध्यापकों को प्रेरित किया। सायन कुणाल निदेशक ज्ञान निकेतन की गरिमामय उपस्तिथि कार्यक्रम के दौरान रही। महाविद्यालय प्रशासिका श्रीमती अनीता कुणाल ने कार्यक्रम की सफलता के लिए छात्रों एवं शिक्षकों को बधाई दी, एवं आगंतुक छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



