
चैती छठ पर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पण से प्रसन्न होते सभी देवता: पं. ऋषिनाथ
मधुबनी- 23 मार्च। पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि चैती छठ पूजा से लोगों की मनोकामना पूरी होती है। छठी मैया से मांगी गई कामना जरूर पूरा होता है। तालाब घाट से भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने का बड़ा पुण्य प्राप्त होता है। लोगों की चैती छठ पूजा के प्रति अटूट आस्था रही है। कष्टों से छुटकारा मिलता है। भगवान भास्कर की पूजा से सभी देवता प्रसन्न होते हैं। चैती छठ से मनोकामना पूर्ण होती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ अर्घ्य अर्पित करना चाहिए। चैती छठ अनुष्ठान प्रत्यक्ष देव भगवान भास्कर की पूजा से अनुष्ठानकर्ताओं का कल्याण होता है।
पं. झा ने कहा कि चैती छठ एक महत्वपूर्ण पर्व है। धर्मशास्त्र, वेद और पुराणों में चैती छठ का विशेष महत्व वर्णित है। धर्मग्रंथों में चैत्र मास को सृष्टि का आरंभ माना गया है। यह काल नवसंवत्सर, नवऊर्जा और नवसंकल्प का प्रतीक है। ऐसे पावन समय में सूर्योपासना व्रत जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। व्रत का उद्देश्य आत्मशुद्धि और संयम है। प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। अस्ताचल एवं उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा इसी वैदिक भावना की अभिव्यक्ति है। स्कन्द पुराण एवं ब्रह्मवैवर्त पुराण में षष्ठी देवी को संतान-सुरक्षा और समृद्धि की अधिष्ठात्री माना गया है।
उन्होंने कहा कि सूर्योपासना की यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। कार्तिक छठ जहां फसल के बाद कृतज्ञता का पर्व है। वहीं चैती छठ नववर्ष में आत्मशुद्धि और नवआरंभ का प्रतीक है। चैती छठ अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक संतुलन का सशक्त संदेश देता है।



