
बिहार के 35 हजार आउटसोर्सिंग कर्मियों के अधिकार का हनन कर रही नीतीश सरकार: ब्रह्मानंद यादव
मधुबनी- 02 अप्रैल। रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटीव बैंक के पूर्व अध्यक्ष व राजद के वरीय नेता ब्रह्मानंद यादव ने कहा कि नीतीश सरकार राज्य के नगर निकाय सहित कई विभागों में संविदा,आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था लागू कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कार्य कराने वालों का शोषण कर उनके अधिकार का हनन कर रही है। राज्य के नगर निकाय कर्मियों 6 सूत्री मांगों को पूरा नहीं कर रही है।मांगों को पूरा करने को लेकर बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाईज फेडरेशन एवं संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा समय-समय पर किए जा रहे आंदोलन की अनदेखी की जा रही है। इसी क्रम में आउटसोर्सिंग कर्मियों ने 13 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न नगर निकायों में कार्यरत संविदा दैनिक वेतनभोगी और एनजीओ कर्मियों की समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही है। कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे कर्मियों में भारी असंतोष आक्रोश व्याप्त है। पूर्व में भी मांगों को पूरा करने के लिए निकाय कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल किया था। लेकिन विभागीय स्तर पर आश्वासन के बाद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है। उन्होंने बताया कि मधुबनी जिला सहित राज्य के विभिन्न निकायों में करीब 17 वर्षों से लगभग 35 हजार दैनिक सफाई कर्मी शहरों, नालों की सफाई सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। जिसमें करीब 80 प्रतिशत कर्मी दलित, महादलित वर्ग से आते हैं, जिनकी सामाजिक, आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। बावजूद इसके उनकी सेवाओं का नियमित करने के दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चतुर्थवर्गीय पदों को समाप्त कर दिया गया, लेकिन वर्षों से कार्यरत इन कर्मियों के भविष्य के संबंध में कोई नीति निर्धारित नहीं की गई। जिससे आज भी अस्थायी स्थिति में कार्य करने को विवश हैं। दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को हटाये जाने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्य करने हेतु बाध्य किये जाने की शिकायत बढ़ गई है।कई निकायों में बिना स्वीकृति, बिना पारदर्शी प्रक्रिया के मानवबल की नियुक्ति भी की जा रही है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।



