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भारत टैक्सी से जुड़े चालकों के लिए न्यूनतम आधार किराया तय होगा: अमित शाह

नई दिल्ली- 23 फरवरी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि हाल ही में शुरू की गई सहकारी टैक्सी सेवा भारत टैक्सी अपने मंच से जुड़े सभी ‘सारथियों’ (चालकों) के लिए प्रति किलोमीटर न्यूनतम आधार किराया सुनिश्चित करेगी और इस दर से नीचे सेवा संचालित नहीं की जाएगी।

शाह ने यहां भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि मौजूदा टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों ने अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए चालकों के लिए कोई आधार दर तय नहीं की है, जबकि भारत टैक्सी में ऑटो की लागत, पेट्रोल की खपत और न्यूनतम लाभ को जोड़कर बेस रेट निर्धारित किया जाएगा। यह सेवा पारदर्शिता के सिद्धांत पर काम करेगी और किसी भी बदलाव की सूचना एक सप्ताह पहले सारथियों को मोबाइल पर दी जाएगी।

अमित शाह ने कहा, “भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। सारथियों को नोटिफिकेशन के ज़रिए हर जानकारी देने से ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी के आधार पर एक बेसलाइन किलोमीटर रेट तय करके चलेगी। भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम प्रॉफ़िट को मिलाकर एक बेस रेट बनाया जाएगा और सर्विस इस रेट से नीचे नहीं चलेगी।”

उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह अधिकतम मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि सारथियों को सशक्त बनाना है। इस सहकारी मॉडल में सारथी ही मालिक होंगे और 500 रुपये का शेयर लेकर साझेदार बन सकेंगे। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव में सारथियों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी, ताकि वे स्वयं अपने हितों की रक्षा कर सकें।

शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की आय का 20 प्रतिशत पूंजी के रूप में संस्था के खाते में रखा जाएगा, जबकि 80 प्रतिशत राशि सारथियों को उनके द्वारा चलाए गए किलोमीटर के आधार पर लौटाई जाएगी। शुरुआती तीन वर्षों में विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा, इसके बाद लाभ का वितरण इसी अनुपात में होगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि आने वाले तीन सालों में देश के प्रत्येक नगर निगम में ‘भारत टैक्सी’ मौजूद होगी।

उन्होंने कहा कि सहकारिता के सिद्धांत को समझने की आवश्यकता है और उदाहरण देते हुए अमूल का उल्लेख किया, जहां लाखों महिलाओं ने छोटे निवेश से बड़ी सहकारी संस्था खड़ी की है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी भी इसी प्रकार का एक बड़ा सहकारी आंदोलन बनेगी और आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी।

महिला सशक्तीकरण के तहत ‘सारथी दीदी’ की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि ऐप में ऐसा प्रावधान किया जाएगा कि एकल महिला यात्री को प्राथमिकता से महिला सारथी उपलब्ध कराई जाए, जिससे सुरक्षा और आत्मनिर्भरता दोनों सुनिश्चित हों।

उन्होंने कहा कि सारथियों की शिकायतों के निवारण के लिए वेबसाइट पर विशेष विंडो बनाई जाएगी और फीडबैक के आधार पर नीतियों में लगातार सुधार किया जाएगा। उन्होंने सारथियों से आग्रह किया कि वे स्वयं को ड्राइवर नहीं, बल्कि गौरव के साथ ‘सारथी’ कहें और सहकारिता के इस मॉडल को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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