
मैथिल विकास प्रतिष्ठान को मिला ‘श्रेष्ठ NGO’ अवार्ड 2026, बढा मिथिला का मान: मोद नारायण झा
मधुबनी- 30 मार्च।समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही मैथिल विकास प्रतिष्ठान (एमवीपी) को इंपैक्ट इंडिया समिट 2026 में ‘श्रेष्ठ एनजीओ अवॉर्ड 2026’ से नवाजा गया। इंदौर में आयोजित समारोह में यह सम्मान पद्मश्री से सम्मानित और लोकप्रिय हिंदी क्रिकेट कमेंटेटर सुशील दोशी ने प्रदान किया। संस्था के अध्यक्ष पं. गौरीकांत झा, उपाध्यक्ष मोद नारायण झा ने संयुक्त रुप से प्रतिष्ठान की ओर से सम्मान ग्रहण किया। संस्थापक एवं पूर्व अध्यक्ष अमोद कुमार झा के नेतृत्व और समाज सेवा के प्रति समर्पण ने संस्था को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। संरक्षक रामसुंदर झा और सलाहकार निलेश झा ने इसे संस्था की निरंतर निष्ठा का परिणाम बताया।
कोषाध्यक्ष भावेश झा और सचिव विकास झा ने इस उपलब्धि का श्रेय टीम वर्क को दिया। पूर्व उपाध्यक्ष वंदना मिश्रा और प्रकाश चौधरी ने इसे प्रतिष्ठान परिवार की एकजुटता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बताया। उपाध्यक्ष मोद नारायण झा ने बताया कि मैथिल विकास प्रतिष्ठान मिथिला, मैथिली के संवर्धन, सांस्कृतिक गतिविधियों, और मैथिल समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। संस्था महाराष्ट्र सहित देश के अन्य हिस्सों में मैथिल समाज की एकजुटता, मिथिला भवन का निर्माण, सांस्कृतिक विकास और धरोहर को संरक्षित करने में सक्रिय है।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में एक केंद्रीय मिथिला भवन स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री से सहयोग मांगा गया है। मैथिला कला, संस्कृति, और परंपराओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ महाराष्ट्र में रह रहे प्रवासी मैथिलों के लिए मंच प्रदान करता है। मैथिली भाषा और मिथिला क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है।



