
MADHUBANI:- शिक्षकों,टोला सेवकों और रसोईयों के वेतन व मानदेय भुगतान में विलंब न करेंः डीएम
मधुबनी- 16 जुलाई। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। तथा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। विद्यालयों की जांच की समीक्षा के क्रम में उपस्थित अधिकारियों को जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि जांच केवल औपचारिकता के रूप में नहीं करें,बल्कि जांच का सकारात्मक परिणाम नजर आनी चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया की अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत विद्यालयों की बुधवारिय जांच रिपोर्ट के आलोक में क्या कार्रवाई की गई और उसकी विस्तृत प्रतिवेदन मासिक बैठक में अनिवार्य रूप से रखें। इस लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शौचालय की स्थिति, पोशाक,छात्रवृति,मध्यान भोजन की गुणवत्ता,पठन पाठन में गुणवत्ता सहित सभी मामलों का अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षक के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने एमडीएम की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा की विद्यालय शिक्षा समिति का गठन न होना या रसोई गैस की अनुपलब्धता जैसे कारण स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया की हर हाल में मेन्यु के अनुसार ही बच्चों कांे भोजन मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा की बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवार करने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने उपस्थित सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया की बुधवार के अतिरिक्त अन्य दिनों में भी एमडीएम की जाँच करें। उन्होंने बाढ़ आश्रय स्थल के रूप में चिन्हित विद्यालयों में शौचालय, विद्युत व पेयजल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान अनुकंपा पर नियुक्ति के मामलों की समीक्षा भी की गई। उन्होंने जिले में ऐसे सभी विद्यालयों जिसके भवन जर्जर हैं और उनमें पठन पाठन से बच्चों के हित को नुकसान हो सकता है की सूची बनाकर उपस्थापित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया की भवनहीन विद्यालयों जर्रर विद्यालय भवन आदि के संबंध में समाचार मे ंप्रकाशित खबरों के आलोक मंे अबतक क्या कार्रवाई की गई, अगली बैठक में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने शिक्षकों,टोला सेवकों, तालिमी मरकज एवं रसोईयों आदि के वेतन,मानदेय भुगतान की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिए की जिले में आवंटन रहने बाद किसी भी स्थिति में वेतन मानदेय मिलने में देर न हो। जिलाधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के संचालन की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिया की लक्ष्य के विरूद्ध सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नियोजन के प्रक्रिया में भी तेजी लाने का निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालयों में विद्युतीकरण,माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायतों में निर्माण,जल जीवन हरियाली,सीडब्ल्यूजेसी,एमजेसी,मानवाधिकार ,सूचना का अधिकार, मुख्यमंत्री जनता दरबार,लोकायुक्त,सीपी ग्राम आदि के मामले की समीक्षा भी की गई एवं कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए। जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में अधिष्ठापित आधार मशीन के द्वारा किये जा रहे कार्य समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया की शत-प्रतिशत बच्चों का आधार बनाना सुनिश्चित करेंगे। बाबुबरही, मधेपुर आदि के के निम्न प्रदर्शन पर जिलाधिकारी द्वारा गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने अभियान मोड में इस कार्य को तेजी के साथ करने का निर्देश दिया। गौरतलब हो की आधार के आभाव में बच्चें शिक्षा विभाग के कई कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से बंचित हो सकते है। उक्त बैठक में डीपीआरओ परिमल कुमार,जिला शिक्षा पदाधिकारी,सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम समन्वयक सहित जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।



