
MADHUBANI:- वेतन वृद्धि व नियमित की मांग को लेकर कस्तूरबा विद्यालय के कर्मियों का प्रदर्शन
मधुबनी- 20 कक्टूबर। 24 घंटे की ड्यूटी फिर भी उचित मजदूरी नहीं मिलने से नाराज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कर्मियों ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इंपलाईज यूनियन के तत्वधान में अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्षनकारियों को सम्बोधित करते हुए यूनियन की अध्यक्ष सुधा कुमारी ने कहा कि कर्मियों के परिवार के सामने भूखमरी की नौबत आ गयी है। उन्होने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के सभी कर्मियों का वेतन न्यूनतम है। आदेशपाल, नाईटगार्ड एवं रसोईया को दैनिक मजदूर माना गया है। उसके बावजुद वेतन मजदूरी के समान भी नही मिल रहा है। जबकि सचिव चंद्रलेखा कुमारी ने कहा कि कर्मियों से 24 घंटे कार्य लिया जाता है, परंतू उचित आवासीय व्यवस्था नही है और नही भोजन की व्यवस्था है। मौके पर सीता कुमारी, मंजू कुमारी,आरती कुमारी,ज्योति प्रसाद, दीपा कुमारी,ज्योति कुमारी,तनुजा,अवन्तिका रानी,राम आधार,अंजली, राम प्रकाश,रजनीश, शीला कुमारी व अन्य थे।
डीएम को सौंपा मांग पत्र—
इन कर्मियों ने समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय पर पहुंचकर डीपीओ को अपनी मांग पत्र सौंपा। डीपीओ ने एक सप्ताह में समस्या समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मियों का दल कलक्ट्रेट पर पहुंचा और डीएम को भी मांग पत्र सौंपा। इनकी मांगों में वार्डेन, शिक्षिका, अनुदेशिका, लेखापाल व चतुर्थवर्गीय कर्मियों को नियमित करने, समयानुकूल महंगाइ भत्ता और वेतन वृद्धि का लाभ देने, पर्व-त्योहार को देखते हुए बायोमिट्रिक रहित मैनूयल के आधार पर अगस्त व सितंबर माह का मानदेय भुगतान अविलंब करने, वर्ष 2014 से व्द्धिधत बकाया राशि वर्ष 2018 तक का भुगतान पर्व से कराये जाने की कृपा की जाए और साथ में मोबाइल बिल 2019 से देने शामिल है। सभी प्रकार के रिक्त पदों पर अतिशीघ्र बहाली करने, संबंधित मध्य विद्यालय के अवकाश के अनुसार ग्रीष्मावकाश, दुर्गापूजा अवकाश और अन्य स्थानीय पर्व का अवकाश दिया जाए। महिला कर्मियों को विशेषावकाश देने,अनुदेशिका का वर्ष 2022 जनवरी से 2022 मार्च तक का भुगतान करने और 2007 में बहाल पद पूर्णकालिक 2014 में पदनाम अंशकालिक एवं बाद में अनुदेशिका बनाने और उन्हें अंश्कालिक के पद पर समायोजित करने की मांग शामिल है।



