बिहार

MADHUBANI:- बढ़ते अपराध व दुष्कर्म के खिलाफ शहर में उबाल,बंद का रहा जबरदस्त असर

मधुबनी-08 मार्च। बढ़ते अपराधिक घटनाओं व 25 फरवरी को बस स्टैंड के पास नाबालिग बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर मधुबनी शहर के बंद का जबरदस्त असर देखा गया। शहर की सभी दुकानें दिनभर बंद रही। सब्जी की दुकान भी नहीं खुली। फुटकर,फल विक्रेता,सब्जी विक्रेता, चाय पान की दुकानदारें अपने दुकान बंद कर सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया।

मंगलवार को बंद का असर ऐसा रहा कि शहर में सब्जी लोगों को नही मिली और न चाय पान नसीब हो सका। फल के दुकानदार भी अपने दुकानें बंद रखा और सड़क पर उतर कर शहर में बढ़ रहे अपराध के खिलाफ नारेबाजी की। नागरिकों की स्वतः स्र्फुत इस बंद को लोगों ने अभूतपूर्व बताया।

शंकर चौक,तिलक चोक, स्टेशन चौक,थाना मोड,गदियानी, गिलेशन,नारियल बाजार,लोहापट्टी,बस स्टैंड,कोतवाली   चौक ,भौआड़ा,भच्छी व अन्य स्थानों पर लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखा। बंद के आह्वान को देखते हुए शहर की सड़कों पर लगभग दो बजे तक वाहन भी सड़क पर कम निकले। स्कूल में भी बंद के आह्वान को देखते हुए वाहन कम निकले। लोगों की भीड़ में जबर्दस्त आक्रोश दिखा,लेकिन हर कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते दिखे। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठा रहे थे। प्रशासन की उदासीनता पर रोष जता रहे थे। इस दौरान थाना मोड़ से पूरे जुलूस के दौरान पुलिस बल को तैनात किया गया था। प्रशासन द्वारा वीडियोग्राफी करायी जा रही थी। वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी को लेकर प्रशासन ने ड्रोन को भी लगाया था।


सड़कों पर उतरा जन सैलाब—


नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में लोगों का सैलाब सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही महिला और लोगों की भीड़ शहर के विभिन्न स्थानों पर जमा होने लगी थी। गिलेशन बाजार,स्टेशन चौक, कोर्ट परिसर, थाना मोड़ के पास लोगों की भीड़ सुबह से ही एकत्रित हो रही थी। लगभग 11 बजे आक्रोशित लोगों की भीड़ की रैली सूड़ी उवि के पास से शहर में निकला। जो बाटा चौक, थाना मोड़ होते हुए समाहरणालय पहुंचा। जहां लोगों का आक्रोश प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा। लोगों ने डीएम और एसपी के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं की भीड़ इसदौरान काफी उग्र थी। जिसे प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगों ने समझाबुझाकर शांत किया। यहां से भीड़ आगे बढ़ी। जो अस्पताल रोड होते हुए कोतवाली चौक पहुंचा। यहां से प्रदर्शनकारी भौआड़ा,राघोनगर,नगर निगम होते हुए थाना चौक पहुंचा। जहां प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद आंदोलनकारी वापस हुए।


नागरिकों ने उठाये सवाल—


इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कई सवाल उठाये। लोगों ने पीड़िता द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने पर सवाल उठाया। कहा आश्चर्य है कि जो पीड़िता थी उससे प्राथमिकी दर्ज नहीं कराया। साजिश के तहत उसे नाबालिग की प्राथमिकी अन्य लोगों के बयान पर दर्ज कराया गया। लोगों ने पूछा कि क्या पीड़िता बेहोश थी। घटना के बाद पीड़िता को थाने पर ही रखे जाने पर भी सवाल उठाये हैं। वहीं पीड़िता को बालिका गृह भेजने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। इसदौरान पीड़िता को अपने परिजन से नहीं मिलने देने के पुलिस के रवैया की कड़ी आलोचना की और पूरी घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। पूरे घटना में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पीड़िता की आवाज एवं पुलिस के साथ अन्य लोगों की हो रही बातचीत की उच्चस्तरीय जांच की मांग लोगों ने की है। मौके पर संजय महतो,राजन्द्र प्रसाद,जगन्नाथ महतो,सत्य नारायण राय,जगन्नाथ राम,विजय चोधरी,धर्मदेव साह,जुगे साह,नागे साह,सबनम खातुन,सेबुल देवी,राम शीला देवी,जमुना देवी,मोहन कारक व अन्य थे।


लोगों में दिखा बढ़ते अपराध व दुष्क्रम के खिलाफ आक्रोश—


लोगों ने इस विरोध के दौरान इस बात को लेकर अधिक आक्रोश में दिखे कि इस बंदी को लेकर कई दिनों से प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसके बाद भी प्रशासन या पुलिस के स्तर पर वात्र्ता की कोई पहल नहीं की गयी। लोगों ने बताया कि शहर को अपराधियों के हवाले कर दिया गया है। शहर में आफीसर्स कॉलनी में हुए दुष्कर्म के बाद हुई हत्या, शहर में लगातार बढ़ रहे आपराधिक वारदात के साथ ही अन्य घटनाओं पर लोगों ने रोष जताया।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button