
MADHUBANI:- एसडीएम बेबी कुमारी के पदस्थापना ने भी नही बदली जयनगर की सुरत, नये एसडीएम से जयनगर वासियों को बहुत उम्मीदें
मधुबनी-14 अप्रैल। जयनगर अनुमंडल पदाधिकारी बेबी कुमारी के पदस्थापना और स्थानांतरण के बाद सब कुछ वैसा का वैसा ही रह गया। इन सेवा अवधि के करीब तीन वर्षों में जयनगर अनुमंडल को कुछ नया नहीं मिल सका। यही कारण है कि सब कुछ जस का तस रह गया। अनुमंडल मुख्यालय का ज्वलंत मुद्दा में गौशाला एवं शहरी क्षेत्र से अतिक्रमण मुक्त कराना शामिल हैं। अधिकारियों के द्वारा ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज करने के पीछे मुख्य कारण किसी भी अधिकारियों के जयनगर में योगदान देने के साथ कुछ समाजिक व राजनीतिक लोगों के द्वारा अपना वाहवाही लूटने के लिए अधिकारियों से संबंध बना लेते हैं। अधिकारियों के द्वारा ऐसे लोगों को अपना हमदर्द मान लिया जाता है और फिर चलता है। शोषण और प्रतिशत व्यवस्था जिसे अधिकारी अपने मुखबिर के साथ मिल कर एक मात्र वसूली अभियान चलाते हैं। दलाल और बिचैलियों से पदाधिकारी खुद को सुरक्षित रखे तो अनुमंडल क्षेत्र में सरकारी योजनाएं जन जन यानि उन तक पहुंच पायेगा। हम बात कर रहे हैं जयनगर गौशाला का जिसकी मांग वर्षों से समाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं के द्वारा अनुमंडल प्रशासन के समक्ष उठाया गया। बावजूद अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने कार्यकाल में गौशाला को संचालित और अतिक्रमण मुक्त कराने में अपनी रुचि नहीं दिखाई है। पिछले माह नगर पंचायत क्षेत्र के शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्त अभियान को हरी झंडी देने के बाद अतिक्रमण मुक्त अभियान जस का तस रह गया। आखिर ऐसे कई मामलों में अनुमंडल पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थता महसूस करते हैं। अधिकारियों के द्वारा अपने कार्यकाल में कार्य निष्पादन में विलंब के पीछे कहीं न कहीं बिचैलिया का खेल भी माना जा सकता है। बिचैलिया को भी एक संरक्षक चाहिए और अधिकारियों को भी जहां कौन कितने पानी में हैं उसका पूरा बायोडेटा चाहिए। अधिकारी के स्थानांतरण से शहर के विकास को अवरुद्ध करने वाले प्रमुख मुद्दों में शहर के सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने, मेन रोड की चोड़ाई,छोटे दुकानदारों को विस्थापित करने,शहर के महावीर चोक से शहरी चोक तक बाजार की क्षमता बढ़ाने,अनाधिकृत रुप से शहर में जहां तहां टेम्पो व टैक्सी स्टैंड को शहर से बाहर संचालित करने, शहरी क्षेत्र के सभी मार्गों पर बाजार की व्यवस्था,गौशाला को अतिक्रमण मुक्त कराने एवं सूचारु करने, शहर से जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ट्रांसपोर्ट को शहर से बाहर रखने,वर्षा से जल जमाव से प्रभावित अनुमंडल कार्यालय परिसर की भराई पूरी तरह करने एवं समेत कई ज्वलनशील मुद्दे को निष्पादन करने के लिए पूरी तरह विफल रही है।



