
MADHUBANI:- समाजसेवी प्रहलाद पूर्वे ने की मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रम स्थल का संचालन जारी रखने की मांग
मधुबनी- 01 अप्रैल। समाजसेवी प्रह्लाद कुमार पूर्वे ने कहा कि नगर निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रम स्थल को 31 मार्च से अचानक बंद करने के निर्णय ने कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब छह महीनों से संचालित इस आश्रम में रह रहे बुजुर्गों और कार्यरत कर्मियों के सामने असमंजस और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिन बुजुर्गों को पहले आश्रय देकर सुरक्षा,सम्मान प्रदान किया गया, उन्हें बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के असहाय छोड़ देना नैतिक दृष्टि से गलत है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की संवेदनाओं के भी विरुद्ध है। आश्रम स्थल कई बुजुर्गों के लिए घर जैसा बन चुका था।
उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव के समय नई योजनाओं, सुविधाओं का वादा करती हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर निरंतर और प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहती हैं।आश्रम स्थल को बंद करने के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सरकार को वहां रह रहे बुजुर्गों के पुनर्वास और कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित किए बिना इस तरह का निर्णय लेना उचित नहीं है।
उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए बुजुर्गों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था व कर्मियों के लिए रोजगार की ठोस योजना तैयार होने तक आश्रम का संचालन जारी रखने की मांग की है। उन्होंने आश्रम स्थल के बुजुर्गों व कर्मियों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।



