
MADHUBANI: चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा-अर्चना, हिंदू नववर्ष प्रारंभ
मधुबनी- 19 मार्च। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस पर 19 मार्च को मां दुर्गा के जयकारे के बीच शहर के दुर्गा मंदिरों, घरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना हुई। मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना हुई। ज्योतिषाचार्य मोहित नारायण मिश्र ने बताया कि इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं। मां शैलपुत्री को सफेद फूल और भोग अर्पित करते हैं, जो शांति और समृद्धि का प्रतीक है। मां शैलपुत्री को वृषभ (बैल) पर सवार दिखाया जाता है। एक हाथ में त्रिशूल दूसरे हाथ में कमल धारण करती हैं। यह दिन नवदुर्गा साधना और कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ हिंदू नववर्ष के प्रारंभ का भी प्रतीक है।

उधर, सुबह से ही श्रद्घालुओं मंदिरों व पूजा पंडालों में पहुंचने लगे। शाम तक पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। सुबह में शहर में कई पूजा समिति द्वारा कलश शोभायात्रा निकाली गई। शहर के गंगासागर तालाब परिसर स्थित चैती दुर्गा पूजा स्थल, सूडी स्कूल मैदान, जगतपुर, अकशपुरा, ककना, चकदह, गोशाला चौक सहित नगर निगम क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक चैती दुर्गा पूजा स्थलों पर माता दुर्गा की पूजा प्रारंभ की गई। चैत्र नवरात्र को लेकर चहुंओर उल्लास का माहौल बन गया है। पूजा स्थल पर मेला, खेल-तमाशा, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। श्रीश्री 108 चैती दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष इन्द्रशेखर झा ने बताया कि ककना चैती दुर्गा पूजा स्थल पर देवी भागवत ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। देवी भागवत ज्ञानयज्ञ में प्रवचन के लिए कथावाचक वैष्णवाचार्य श्रीरामजी महाराज शामिल होंगे। ककना में साल 1992 से चैती नवरात्र का आयोजन किया जा रहा है। ककना में चैत्र नवरात्र पर नाच-गान, सांस्कृतिक कार्यक्रम की जगह पिछले साल से ज्ञानयज्ञ आयोजन शुरू किया गया है। पूजा में पूजा समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह भोला, पूजा प्रभारी श्याम सुंदर झा, कोषाध्यक्ष रमनजी मंडल, बबलू झा, बिकाऊ मुखिया, विष्णु मुखिया, राजकुमार पासवान, बद्री पासवान, राज नारायण सिंह सहित अन्य लोग जुटे है।



