बिहार

MADHUBANI: चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद खुले मंदिरों के कपाट, लोगों ने किया पूजा-अर्चना और दान

मधुबनी- 03 मार्च। इस साल का पहला चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद पूजा-अर्चना के लिए शहर के गंगासागर काली मंदिर,स्टेशन चौक हनुमान प्रेम मंदिर, सरकारी बस स्टैंड परिसर रामेश्वरनाथ शिवालय, सुरतगंज कामेश्वरनाथ महादेव मंदिर,बेलाम नवटोल ओंकारेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।चन्द्रग्रहण के बाद लोगों ने स्नान कर मंदिरों की ओर निकल पड़े। लोगों ने मान्यता के अनुसार स्नान, पूजा कर अपनी क्षमता के अनुरूप दान किया। भारत में मंगलवार 3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:46 बजे समाप्त हुआ। लोगों ने घरों में गंगाजल का छिड़काव किया।

बतादें कि चंद्रग्रहण को लेकर सुबह से ही शहर के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद रखा गया। ग्रहण बाद मंदिरों के पट खुलने के बाद विशेष आरती और श्रृंगार का आयोजन किया गया। ज्योतिषाचार्य पं. मोहित नारायण मिश्र ने बताया कि चंद्रग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करना अनिवार्य होता है। इसके बाद घर और मंदिर को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है। देवमूर्तियों का अभिषेक किया जाता है। नये वस्त्र धारण कराए जाते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद ही भगवान के दर्शन, पूजा, आरती और मंत्र जप करना शुभ माना जाता है। ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।चंद्रग्रहण के बाद दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चावल, चीनी, सफेद वस्त्र, चांदी या अन्न का दान करने से चंद्र दोष और पित्र दोष को दूर करता है। वहीं, रजनीश झा ने कहा कि ग्रहण काल में की गई साधना और दान साधारण समय से कई गुना अधिक पुण्य फल प्रदान करते हैं।

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