
MADHUBANI: गंगासागर परिसर की लीज निरस्त के लिए कुमार कपिलेश्वर सिंह से मिलेंगे एक शिष्टमंडल
मधुबनी- 09 मार्च। मधुबनी शहर का एक प्रमुख धार्मिक व रमणीय स्थल गंगासागर काली मंदिर परिसर की 11 माह के लिए लीज को रद करने की मांग जोर पकड़ ली है। इसके लिए संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही राज दरभंगा के कुमार कपिलेश्वर सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपेगे।इसकी जानकारी देते हुए संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति के राष्ट्रीय महासचिव राजेश कुमार ने बताया कि जिलेभर में धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध गंगासागर परिसर में कदम-कदम पर दुकानों का निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां दुकान आवंटन के लिए दुकानदारों से मोटी राशि लिए जाने की चर्चा सरेआम चल रही है। कामेश्वर सिंह धार्मिक.न्यास दरभंगा द्वारा दुकानदारों से मिलकर इसकी जांच कराने से सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परिसर में दुकान लगाने के लिए कामेश्वर सिंह धार्मिक.न्यास दरभंगा द्वारा 11 माह का लीज को निरस्त करने के लिए ठोस पहल करने की जरूरत है। लीज निरस्त कर यहां धर्मशाला निर्माण किया जाना चाहिए। इस परिसर स्थित टॉयलेट, शौचालय, पेयजल की समुचित सुविधा नहीं होने से आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है। कामेश्वर सिंह धार्मिक.न्यास दरभंगा, शयामा सेवैत के अधीन इस परिसर का सौंदर्यीकरण के लिए स्थानीय बुद्धिजीवियों और धार्मिक न्यास दरभंगा द्वारा मिलकर योगना बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस परिसर स्थित चिल्ड्रेन पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे अपने स्वजन के साथ पहुंचते हैं। परिसर में सालों से चैती, शारदीय नवरात्र और इंद्र पूजा का आयोजन किया जाता है। छठ पूजा में सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस परिसर के महत्व को देखते हुए करीब साढ़े तीन दशक पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी के पहल पर तालाब का जीर्णोद्धार कार्य कराया गया था। जिसमें शहर के सैकड़ों लोगों ने महीनों तक श्रमदान किया था। तालाब के तीन भागों में भिड़ा का पक्कीकरण कराया गया। चहुंओर पौधे लगाए गए। लेकिन जिलाधिकारी के तबादले के बाद जीर्णोद्धार कार्य पर विराम लग गया। उन्होंने बताया कि कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास, दरभंगा श्यामाजी सेवैत के अधीन यह परिसर लीज पर दिए जाने का मसला फिलहाल दो पक्षों के बीच विवादित है। मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। इस परिसर में आने वाले प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, बच्चे, बुजुर्गों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट लगा लगाने की जरूरत है।



