
मधुबनी-19 फरवरी। बिस्फी,कलुआही एवं बासोपट्टी प्रखंड के शिक्षक नियोजन के तीसरे चक्र में हुए काउंसिलिंग में गड़बड़ी का मामला गरमाया गया है। काउंसिलिंग में हुई गड़बड़ी के मामले की हो रही जांच की फाईल गुम होने के बाद मामला तुल पकड़ लिया है।
मालूम हो कि तीनों ही प्रखंड में तीसरे चक्र की काउंसिलिंग के प्रथम दिन हुई अनियमितता को लेकर डीइओ नसीम अहमद ने रद्द करने की अनुशंसा कर दिया है। इसके बाद डीएम अमित कुमार ने इसकी विस्तृत जांच के लिए डीडीसी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच के लिए सभी संचिका डीइओ और नोडल अधिकारी के द्वारा डीडीसी कार्यालय को सौंप दिया गया है।
बताया जा रहा है कि यहां से कलुआही और अन्य संचिका गुम हो गया है। संचिका गायब होने की सूचना मिलते ही अफरातफरी का माहौल बना है। इसी आपाधापी में डीआरडीए आने वाले बिस्फी प्रखंड के प्रमुख के पति को पुलिस पूछताछ के लिए कुछ घंटे के लिए बीते गुरुवार की शाम को रोक लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। लेकिन संचिका नहीं मिली है। गुम हुई संचिका मामला में कुछ कर्मियों के साथ प्रतिनिधियों की संलिप्तता की आशंका व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां पर शिक्षक नियोजन में कुछ रसूखदार प्रतिनिधियों की जबरदस्त दबाव है। इस कारण ही इन तीनों ही प्रखंड में हुए काउंसिलिंग में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद भी अब तक उसे रद्द नहीं किया गया। हालांकि डीइओ नसीम अहमद के द्वारा जांच के बाद इसे रद्द करने की अनुशंसा कर दिया गया है।
कई स्तरों पर हुई गड़बड़ी—
डीइओ ने अपने आदेश में बताया है कि रोस्टर बिन्दु उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की जायेगी। अपने आदेश में उन्होंने अभ्यर्थी नीलम कुमारी की शिकायत को उल्लेखित करते हुए बताया है कि दिव्यांग व मानेविकार दिव्यांग का नियोजन नहीं किया गया। इतना ही नहीं महिला अभ्यर्थी को काउंसिलिंग से भगा देने की भी शिकायत मिल रही है। इस केंद्र के लिए डीपीओ नवीन ठाकुर व चंदन प्रभाकर को भी नोडल अधिकारी के रुप में अधिकृत किया गया था। इसके अलावे यहां काउंसिलिंग के दौरान एक कमरे में अभ्यर्थी को शेटिंग के लिए रखा गया था। जिसके साथ कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई। पर यह सामने नहीं आ सका कि किसके शेटिंग से इन तत्त्वों को अंदर किया गया। आखिरकार इनसे जब्त मोबाइल पर कौन और कहां से निर्देशित करता रहा। इन तममा सवालों का उत्तर सामने लाना होगा। शिक्षक नियोजन इकाई की भूमिका की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता होगी।
मालूम हो कि बासोपट्टी में 34 पद के विरूद्ध काउंसिलिंग की गई। जबकि बिस्फी में सामाजिक विज्ञान के 16 रिक्ति के विरूद्ध काउंसिलिंग की गई। इसीतरह कलुआही में रोस्टर के उल्लंघन की शिकायत है। बिस्फी में प्रतिनिधियों की निगरानी में काउंसिलिंग होने और गड़बडी का कइ्र वीडियो वायरल हुआ है।



