
MADHUBANI:- लौकहा उप डाकघर में लाखों का फर्जीवाड़ा
मधुबनी-09 जनवरी। मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड क्षेत्र के लौकहा उप डाकघर में लाखों रुपयों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 2015 से 2018 तक जिन लोगों ने उस डाकघर में खाते खुलवाकर रकम जमा की थी उनकी सारी रकम गायब हो चुकी है। इस डाकघर से जुड़ी आठ शाखा डाकघरों के माध्यम से लोगों ने बचत खाते खुलवाए थे। तथा उसमें अपनी कमाई के रुपए जमा किए थे। परंतू सारी रकम उड़ा ली गई। प्रखंड की परसाही पश्चिमी पंचायत के गोइत परसाही के रवि रंजन कुमार राजा बताते हैं कि उन्होंने 2016 में टर्म डिपॉजिट के दो खातों में कुल 7 लाख 96 हजार रुपए जमा किए थे जो 3 साल बाद 11 लाख रुपए से अधिक हो जाते। समय पूरा होने पर जब वे रकम निकासी करने लौकहा डाकघर पहुंचे तो पता चला कि सारी रकम निकाली जा चुकी है और खाता खाली है। बाघा कुसमार के भोला साह के सावधि जमा खाते में जमा 2 लाख रुपयों की पूरी रकम इसी तरह निकाल ली गई है। घोघरडीहा की इंद्रकला देवी ने वहां मासिक आय योजना के तहत खाते खुलवाकर उसमें 3 लाख रुपए जमा किए थे। कुछ महीनो तक उन्हें 2100 रुपए की दर से भुगतान भी किया गया। लेकिन बाद में बताया गया की सारी रकम निकल चुकी है। इस तरह के 200 से अधिक लोगों ने भविष्य के लिए रकम जमा की थी। उनकी जमा रकम का लौकहा डाकघर में कोई रिकॉर्ड भी मौजूद नहीं है। लोग अब पासबुक लिए डाक विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। इस फर्जीवाड़े के समय शंभू प्रसाद यादव वहां के पोस्ट मास्टर बताए जाते हैं। गत शुक्रवार को जब मधुबनी के डाक अधीक्षक लौकहा डाक घर आए,तो परेशान जमाकर्ता अपने-अपने पासबुक के साथ उनसे मिले। उन्होंने उन लोगों से आवेदन लिए और जांच का भरोसा दिया। इधर कारमेघ उत्तरी पंचायत के पूर्व मुखिया एवं वर्तमान पैक्स अध्यक्ष विनोद सिंह ने इस फर्जीवाड़े की जांच निगरानी विभाग द्वारा कराए जाने की मांग की है।
क्या कहते हैं डाक अधीक्षक—
इस संबंध में डाक अधीक्षक महेश प्रसाद देव ने बताया कि लौकहा डाकघर में रिकॉर्ड नहीं है। फिर भी विभाग मामले की छानबीन कर रहा है। उन्होंने तत्कालीन पोस्ट मास्टर श्री यादव के मधुबनी मुख्य डाकघर में स्थानान्तरण,फिर निलंबन और कुछ दिनों के बाद निलंबनमुक्त किए जाने के सवाल पर कुछ नहीं बताया। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि निलंबनमुक्त करने का निर्णय अधिकारियों की टीम द्वारा किया जाता है।



