
MADHUBANI:- राशि निकासी मामले में शिक्षा विभाग के अन्य कर्मियों को निलंबित करने की अनुशंसा
मधुबनी-30 दिसबंर। नियोजित माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षकों के वेतन और अन्य मदों की राशि लिपिक चंद्र किशोर प्रसाद द्वारा अपने निजी खाता में ट्रांसफर किये जाने के मामले में अन्य लिपिक रिजवान रिजवी पर भी गाज गिरना तय हो गया है। क्योंकि डीइओ नसीम अहमद ने उनके शोकॉज को नाकाफी मानते हुए निलंबित करने की अपनी अनुशंसा आरडीडी दरभंगा प्रमंडल को भेज दिया है। उन्होंने अपनी अनुशंसा में बताया है कि रिजवान रिजवी को वेतन विपत्र निर्माण का दायित्व सौंपा गया था। उनकेद्वारा ही विपत्र बनाया जाता है। लेकिन अपने स्पष्टीकरण में विपत्र तैयारी के लिए उन्होंने निलंबित लिपिक चंद्र किशोर प्रसाद को जवाबदेश बताया है। जो कि नाकाफी है। इसलिए उन्हें निलंबित करने की अनुशंसा की जाती है।
वेतन विपत्र पारित प्रावधान का उल्लंघन-
डीइओ ने जांच टीम के नेतृत्व कर रहे योजना एवं लेखा सह समग्र शिक्षा अभियान डीपीओ चंदन प्रभाकर को वेतन भुगतान के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं को अपनाये जाने के बिन्दु पर जांच का आदेश दिया है। जिसमें बताया गया है कि माध्यमिक व उच्चत्तर माध्यमिक नियोजित शिक्षकों के वेतन विपत्र भुगतान के लिए एचएम के माध्यमिक शिक्षा डीपीओ के यहां जमा कराया जाना है। डीपीओ माध्यमिक शिक्षा कार्यालय द्वारा इस वेतन विपत्र समेकित करते हुए डीपीओ स्थापना कार्यालय को उपलब्ध करायेगा। जिसके आधार पर स्थापना कार्यालय एडवायस तैयार कर सीएफएमएस के माध्यम से मेकर,चेकर व एप्रुवर के माध्यम से कोषागार से राशि की निकासी करते हुए कार्यालय के संधारित बैंक खाता में लियाा जाता है। इसके बाद बैंक को एडवायस भुगतान के लिए भेजा जाता है। डीइओ ने आदेश दिया है कि जांच के दौरान इसकी भी जांच की जाए कि वेतन भुगतान के दौरान इन प्रक्रियाओं को अपनाया गया या नहीं। यदि इन प्रक्रियाओं और प्रावधानों को शिथिल कर भुगतान किया जाता रहा है तो उसके लिए दायित्व निर्धारण के बिन्दुओं पर भी जांच की जाए।
कर्मी व अधिकारी पर लटकी कार्रवाई की तलवार-
जांच के दायरा बढने से अन्य कर्मी व अधिकारी पर कार्रवाई की तलवार लटक गयी है। बताया जा रहा है कि वेतन भुगतान के लिए विपत्र तैयार करने और उसे पारित करने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। इधर जांच टीम ने गुरुवार को भी विभिन्न स्तरों पर जांच की। जांच टीम के नेतृत्व करने वाले योजना एवं लेखा सह समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ चंदन प्रभाकर ने इस संबंध विभिन्न संचिकाओं को खंगाला और कई कर्मियों से विमर्श किया। मिली जानकारी के अनुसार जांच टीम के सदस्य भी अपने स्तर से इस मामले में जानकारी जुटा रहे हैं।
क्या कहते हैं डीईओ-
डीईओ नसीम अहमद ने बताया कि इस मामले में जो भी आरोपी होंगे,सभी पर कार्रवाई होगी। हर बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। विभाग के नियम के अनुसार कार्य नहीं करने वाले सभी लोगों पर जवाबदेही का निर्धारण किया जायेगा।



