
MADHUBANI:- यूक्रेन से लौटे दभारी के छात्र ने देश की धरती को चूम कर किया सलाम,कहा-अल्लाह का शुक्र है कि मैं बच आया
मधुबनी-07 मार्च। रूस-यूक्रेन की लड़ाई में फंसे पंडौल के तीसरे छात्र घर वापस लौट आए हैं। छात्रों की सकुशल घर वापसी पर उनके स्वजन बेहद खुश हैं। स्वजनों ने भारत सरकार का आभार जताया है। पंडौल प्रखंड क्षेत्र के दभारी का छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन और रूस के हमले के बाद छात्रों के परिजन बेहद परेशान और चिंतित थे। दभारी का निवासी अब्दुस समद के पुत्र आसिफ इकबाल मादर ए वतन लौट कर बेहद खुश है।
वे वर्ष 2019-20 मे मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे। जहां उन्होने वोगों मेलेटस यूनिर्वसीट मे पढ़ाई कर रहे थे। उन्होने बताया कि यूनिवर्सिटी की तरफ से रूस यूक्रेन के विवाद को वर्षों पुराना बता कर सभी को रोक रहा था। वहां से लोगों को ये आए दिनों की घटना लग रही थी। मगर अचानक हमले होने लगे तो मेरे साथ 160 छात्र- छात्राओं को जन बचाने के लिए अंडरग्राउंड मे छिपना पड़ा। फिर यूनिवर्सिटी ने सभी को सुरक्षित स्थानो पर जाने के लिए एडवजरी जारी कर दिया। मगर बिना किसी सुविधा के हम सब किसी तरह ट्रेन से आठ सौ किमी दूर लबीब सीमा तक पहुंचे मगर वहां से हम लोगों को स्लोवाकिया बॉर्डर भेज दिया गया। जहा सैकड़ों छात्र भी यूक्रेन से निकलकर पड़ोसी देशों में शरण लिए हुए थे। इस बीच भारतीय सीख समुदाय के लोगों ने बहूत बड़ा राहत केम्प लगा रखा था जहां सभी शरणार्थी को मुफ्त खाना पानी कपड़े आदि दी जा रही थी। वहां पहुँच कर सभी को राहत मिली फिर भारतीय एम्बेसी से संपर्क किया गया। जहां से सभी को स्लोवाकिया लाया गया। उसके बाद अलग अलग देश से आए बच्चों को उनके एम्बेसी को सौंप कर फ्लाइट से रवाना कर दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते से सभी ने अपनी जमीन को चूमा और अल्लाह का शुक्र अदा किया।
आसिफ अम्मी फरीदा खातून से भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते नहीं थकती वही यूक्रेन से लौटे छात्र से मिलने पहुंचे पंडौल सीओ नंदन कुमार ने छात्र से जानकारी लेकर डीएम व वरीय अधिकारियों को अवगत कराया।



