
MADHUBANI:- यूक्रेन के कीव से लौटे छात्र अमन ने कहा- मिली है दूसरी जिन्दगी
मधुबनी-07 मार्च। जिले के पंडौल प्रखंड क्षेत्र के बीहनगर निवासी अमन साहिल का सपना डॉक्टर बनना था। उसकी खुशी के लिए पिता ने कई दिक्कतों के बाद भी उसे यूक्रेन भेजा था। परंतू यूक्रेन में छिड़ी जंग ने छात्रों के साथ उनके मां-बाप की चिंता बढ़ा दी। जो छात्र सकुशल लौट भी आए हैं,उनके अभिभावक भी मुतमइन नहीं हो पाए हैं। अब उन्हें यह सवाल खाए जा रहा है कि पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई तो उनके बच्चे क्या करेंगे?
जानकारी के अनुसार यूक्रेन की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का खर्चा 35 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये है। इतनी बड़ी रकम जुटाना हर किसी के लिए आसान नहीं है। फिर भी बच्चों की बेहतरी के लिए मां-बाप ने जैसे-तैसे व्यवस्था की। मगर भविष्य की चिंता ने कई परिवारों की नींद उड़ा दी है। अमन के पिता मो उमर फारुख व मा शहीदा खातून पुत्र के सकुशल लौट आने से बेहद खुश है। अमन वर्ष 21 मे ही यूक्रेन गया था जहां वह कीव शहर के कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी मे डाकटर की पढ़ाई कर रहा था। प्रवेश के समय लगभग 12 लाख रुपये बतौर प्रवेश शुल्क लगा था। सालाना फीस और रहने का का खर्च अलग से था। कीव पर हमला होते ही सभी लोग बंकर मे छिप कर अपनी जान बचाते रहे। छह दिनो तक सूखा ब्रेड खाकर बंकरों मे थे। किसी तरह वे अपने साथियों के साथ पैदल बोगजाल रेलवे स्टेशन आए,वहाँ से विनीत सिया पहुंचे। उसके बाद बस के माध्यम से हंगरी पहुंचे,जहां से एम्बेसी की मदद से एयरपोर्ट पहुंचे।
अमन ने बताया कि कीव शहर मे बमबारी कि वो दिल दहलाने वाले मंजर अभी भी महसूस कर रहा हूँ। भारत की जमीन मे उतरते ही महसूस हुआ फिर से नया जन्म मिला है। छात्र ने मधुबनी जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया है। वही छात्र के लौटने की खबर के बाद युवक को पंडौल सीओ नंदन कुमार एसएचओ शंकर शरण दास ने माला पहनाकर स्वागत किया।



