
MADHUBANI:- पुलिस से सीधा संवाद पर लगा ग्रहण, बेकार पड़े हैं लेटर बाॅक्स, बढ़ रही अपराधिक घटनाएं
मधुबनी-05 फरवरी। पुलिस द्वारा सात वर्ष पुर्व जिले के लोगों से सीधा संवाद के लिए जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न थानों में लेटर बाॅक्स लगवाए गए थे। ताकि लोग खुफिया तौर पर पुलिस से लिखित संवाद कर सकते हैं। परंतू इस संवाद कार्यक्रम पर ग्रहण लग चुका है। पुलिस एवं आम जनता के बीच की दूरियां लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे पुलिस का सूचना तंत्र काफी कमजोर हो चुका है। पुलिस के इस रवैये का ही परिणाम है कि जिले में लेटर बाॅक्स के माध्यम से लोगों की समस्याएं व छिपे अपराध को जानने एवं समझने की मुहिम भी दम तोड़ चुकी है। सूत्रों की माने तो जिले के सभी थानों क्षेत्रों में लगभग 100 से अधिक लेटर बाॅक्स लगाए गए थे।
पूर्व एसपी रणजीत मिश्रा के द्वारा शुरू किए गए इस सरल मुहिम ने काफी रंग भी लाया था। जिले से कई महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी पुलिस को मिल सकी। आसानी से घरेलु हिंसा एवं सामाजिक विद्वेष की भी जानकारी पुलिस को समय रहते मिलती रही। इससे बड़े वारदात की रोकथाम एवं विभिन्न कांडों को सुलझाने का मौका पुलिस को मिलता रहा। पुर्व एसपी रणजीत मिश्रा के बाद एसपी नवीन चंद्र झा के दौर में भी इसकी उपयोगिता कायम रही। परंतू अब यह बाॅक्स अक्सर जगह से गायब हो चुके हैं, तो कही महज दिखावा बनकर रह गया है।
थाना स्तर से लेकर एसडीपीओ स्तर तक इसकी उपयोगिता को खत्म कर दी गयी है। लगभग सभी थाना क्षेत्र में लटकाए गए उक्त बाॅक्से पुलिस की व्यवस्था का माखौल उड़ा रहा है। जो बाॅक्स पुलिस के लिए अहम माना जा रहा था, वह अब दरकिनार कर दिया गया है। जिससे आमजनों में पुलिस के प्रति विश्वसनीयता कायम नहीं रह पायी है। जिस कारण कारण विभिन्न अपराधों में काफी इजाफा हो गया है। कांड को सुलझाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सुत्रों कि माने तो पुलिस अपने मुखबिरों से भी अच्छे सलूक नहीं रख पा रही है। जिसका आलम यह है कि पुलिस को सामान्य जानकारी के लिए भी नाको तले चना चबाना पड़ रहा है।
इधर, पुलिस को अपने मुखबिर पर भी विश्वास नहीं रह गया है। इस कारण मुखबीर भी अपने काम से अलग थलग हो गए हैं। मुखबीर को लेकर कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती रही है। नगर थाना क्षेत्र,खुटौना,फुलपरास,घोघरडीहा,झंझारपुर,खजौली,लदनियां में ऐसे ही पुलिस मुखबिरों के मुंह मोड़े जाने के कारण वारदात में काफी इजाफा की जानकारी क्राइम ब्रांच के द्वारा दी गयी है।



