
मधुबनी-02 दिसंबर। प्रधानमंत्री पोषण योजना से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आयेगी। इसमें किसी तरह का घालमेल संभव नहीं हो सकेगा। वेंडर को सीधे हर राशि का भुगतान होगा। वहीं भुगतान की प्रक्रियाओं को विभिन्न कर्मी व शिक्षकों के माध्यम से पूरा करना होगा। मिठौली डीआरसीसी में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम अमित कुमार ने यह बात ही। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजना योजना अब नये स्वरुप में बच्चे के लिए लाभकारी होगी। डीडीसी विशाल राज ने कहा कि इस प्रक्रियाओं में लगे कर्मी व शिक्षकों को भी कार्यो के निष्पादन में आसानी होगी। बताया अब सभी प्रक्रियाएं सीएफएमएस के माध्यम से की जायेगी।

डीइओ नसीम अहमद ने योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्याह्न भोजन का नाम अब बदलकर पीएम पोषण योजना हो गया है। जिसमें कई प्रकार के बदलाव किये गये हैं। अब इस योजना की सभी प्रक्रिया पीएफएमएस के माध्यम से होगी। ऑनलाइन ही सभी भुगतान किये जायेंगे। इसके लिए प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का प्रशिक्षित होना जरूरी है। डीपीओ लेखा एवं योजना चंदन प्रभाकर, डीपीओ पीएम पोषण मो. नजीबुल्लाह ने योजनाओं की बारीक जानकारी दी और सभी शिक्षकों को पूर्ण प्रशिक्षण लेकर इसका अक्षरश: पालन करेंगे। ताकि उन्हें भी आसानी होगी और कहीं भी वेंडर का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। बताया कि पीएफएमएस के तहत एएनए के क्रियान्वयन से संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयाजित हैं। इस प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर प्रतिनियुक्त किये गये हैं। जिन्हें पहले ही मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसमें काम करने वाले सभी भेंडर को अब इसके माध्यम से ही हर भुगतान होगा। वेंडर को बजाप्ता निबंधित करना होगा। इसके बाद ही उसका भुगतान होगा। इस प्रशिक्षण के दौरान वेंडर के निबंधन, चेकर व मेकर की प्रक्रियाओं की जानकारी दी जायेगी। इसदौरान एकाउंटेंट दीपक कुमार व अन्य थे।



