बिहार

MADHUBANI:- धान के अधिक उत्पादन वाले पंचायतों का लक्ष्य न्यूनतम बाताए जाने पर बबाल

145 पंचायतों में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य
पैक्स व किसानों ने लक्ष्य निर्धारण के खिलाफ फूंका बिगुल

मधुबनी-22 नवंबर। धान अधिप्राप्ति की शुरूआत में ही विवाद खड़ा हो गया है। जिले में बिना क्रॉप कटिंग के ही कृषि विभाग ने सहकारिता को पंचायत एवं प्रखंडवार अनुमानित उत्पाद की रिपोर्ट भेज दिया है। जिसमें जहां न्यूनतम उत्पादन हुआ है,वहां के लिए अधिकतम लक्ष्य दिया गया है। वहीं जहां अधिक उत्पादन हुआ है वहां के लिए लक्ष्य न्यूनतम कर दिया गया है। जिससे पूरे जिले में बबाल मचा है। वहीं किसानों ने धान बिक्री के लिए अपना आवेदन ऑनलाइन भी कर रखा है। वहां पर कृषि विभाग ने उत्पाद को न्यूनतम दिखाया है। अब यदि पैक्स वहां पर कुछ ही किसानों से खरीदारी करती है तो वहां पर हंगामा होना तय है। ऐसी समस्या को देखते हुए प्रभावित पंचायतों में पैक्सों ने धान अधिप्राप्ति से हाथ खड़ा कर दिया है। तथा इसतरह की सूची बनाये जाने पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए सूची को रिवाइज करने पर बल दिया है। मालूम हो कि जिले में 241 पैक्स व चार व्यापार मंडल को धान अधिप्राप्ति के लिए चयनित किया गया है। यहां के लिए सहकारिता विभाग ने एक लाख पांच हजार एमटी धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन कृषि विभाग ने पंचायत व प्रखंड वार जो उत्पादन की सूची दिया है,उसके अनुसार ही पैक्सों को कैश क्रेडिट की राशि दिये जाने का प्रावधान है। ऐसे में लगभग दो सौ पैक्स प्रभावित होगा। और वहां पर सीसी दिया जाना संभव नहीं हो पायेगा या फिर वहां पर आवेदक सभी किसानों से खरीदारी संभव नहीं हो सकेगा। क्योंकि वहां पर कृषि विभाग की सूची के अनुसार ही पैक्स को कमतर राशि का सीसी मिलेगा। निदेशक मंडल सदस्य रमानंद झा ने बताया कि यह मनमानी है। अब जहां खरीदारी होना है वहां के लिए सभी किसानों के लिए सीसी कैसे मिल पायेगा। इसपर सवाल उठने लगा है। तकनीकी पेच के कारण जिले भर में अधिप्राप्ति प्रभावित होगा। जबकि बेनीपट्टी प्रखंड के परसौना पंचायत के पैक्स अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर झा व कटैया पंचायत के अध्यक्ष सह निदेशक मंडल सदस्य रमानंद झा ने बताया कि 20 हजार क्विंटल उत्पादन हुआ है तो उनके यहां पर केवल दो हजार का लक्ष्य दिया गया है। इसतरह पूरा बेनीपट्टी प्रखंड प्रभावित हो गया है। वहीं बिस्फी में दस हजार एमटी का लक्ष्य दिया गया है। जबकि यहां पर फसल अधिक क्षति हुई है। रहिका प्रखंड के पैक्सों ने विरोध जताते हुए को-ऑपरेटिव पर पहुंचकर अपना विरोध जताया। डीसीओ और जिला कृषि पदाधिकारी से वात्र्ता की। सतलखा की शिवकला देवी ने बताया कि यहां पर 70 किसान ऑनलाइन किया है। नाजिरपुर,मकसूदा, सुंदरपुर भिट्ठी, बलिया,शंभूआड़,खजूरी में सौ से अधिक किसानों ने आवेदन दिया है। तथा इन पंचायतों का लक्ष्य कमतर कर दिया गया है। पैक्स अध्यक्ष विवेकानंद झा उर्फ पंकज,नीतू झा, जितेन्द्र यादव,विरेन्द्र ठाकुर व अन्य ने बताया कि जिस पंचायत में कभी धान की अधिप्राप्ति नहीं हुई वहां के लिए अधिक लक्ष्य दे दिया गया है।

डीसीओ ने कहा किसान व पैक्सों को नहीं होगी समस्या—

जिला सहकारिता पदाधिकारी सह को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी अजय कुमार भारती ने बताया कि इस सूची में आवश्यकतानुसार सुधार हो जायेगा। उन्होंने कृषि पदाधिकारी से बात की है। जिले के किसी भी किसान व पैक्सों को समस्या न होगी।

क्या कहते हैं कृषि अधिकारी—

जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष के आधार पर उत्पादन की अनुमानित सूची दी गयी है। कई पैक्स प्रतिनिधियों ने बात की है। क्रॉप कटिंग के बाद अनुमानित उत्पादन की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। इसके बाद लक्ष्य में सुधार हो जायेगा।

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