
MADHUBANI:- डीएम ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, बोले-कचरा उठाव का मासिक शुल्क प्रतिमाह वसूली हर हाल में सुनिश्चित करें और पंचायत कर्मियों को बाइमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करवाऐं
मधुबनी- 05 जनवरी। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिले में चल रही विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का समीक्षा कर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागों के सभी इंडिकेटरो में अनिवार्य रूप से प्रगति दिखनी चाहिए। आगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि डीपीओ आईसीडीएस यह सुनिश्चित करें कि सभी बीडीओ,सीओ एवं सीडीपीओ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को लेकर प्रत्येक सप्ताह अचूक रूप से बैठक करें। उन्होंने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कचड़ा प्रीसेसिंग इकाई का निर्माण, कचरा प्रबंधन सामग्रियों का क्रय,कचरा का उठाव,यूजर चार्ज की वसूली,वर्मी कंपोस्ट का निर्माण,प्लास्टिक कचड़ा की विक्री,स्चच्छता कर्मियों का भुगतान ,ओडीएफ प्लस आदि का समीक्षा किया। उन्होंने डीडीसी को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि स्वच्छता कर्मियों के लंबित भुगतान समय हो। उन्होंने निर्देश दिया कि यूजर चार्ज के रूप में वसूली गई शत प्रतिशत राशि खाते में अनिवार्य रूप से जमा हो। पंचायतों में कचरा प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा के क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों में कचरा प्रबंधन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सुचारू रूप से चलाने हेतु मासिक शुल्क के रूप में तीस रुपया प्रतिमाह की वसूली हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों में नियमित रूप से सभी घरों से कचरा का उठाव हर हाल में सुनिश्चित करें, साथ ही शत प्रतिशत शेष बचे पंचायतों में कचरा प्रबंधन सामग्रियों का क्रय एक सप्ताह के अंदर हर हाल में करें। जिले के सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत बन रहे खेल मैदान के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश भी दिए। उन्होंने डीपीआरओ को। निर्देश दिया कि सभी पंचायत स्तरीय कर्मी पंचायत सरकार भवन में बाइमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीडब्लूजेसी, एमजेसी के पेंडिंग मामले को गंभीरता से लेकर ससमय प्रतिशपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया। उन्होंने जल जीवन हरियाली की समीक्षा के क्रम में सोख्ता का निर्माण,कुओं के जीर्णोद्धार,पोखरे के जीर्णोद्धार,रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोख्ता निर्माण में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे महत्त्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक कर उनकी सक्रिय भागीदारी के द्वारा ही जल जीवन हरियाली अभियान को सफल बना सकते है। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं जिला बाल संरक्षण इकाई से संबंधित योजनाओं का विस्तृत समीक्षा भी किया। समीक्षा के क्रम में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना,कबीर अंत्येष्टि योजना,मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना,बैटरी चालित ट्राइसाइकिल सहित सभी पेंशन योजनाओं में लंबित आवेदनों को लेकर समीक्षा कर कई निर्देश भी दिये। उन्होंने कार्यालय कार्य-संस्कृति में सुधार लाने का भी निर्देश दिया तथा कार्यालय की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की भी बात कही। पंजियों के रख-रखाव एवं संधारण को लेकर भी कई निर्देश दिए। उन्होंने लॉग बुक का संधारण अनिवार्य रूप से करने एवं नियमित रूप से लॉग बुक की जाँच करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी संबंधित कार्यालय में अपनी अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान,सांसद आदर्श ग्राम योजना,हर घर नल-जल योजना,प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना,राशन कार्ड के लंबित मामलों सहित अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता देते हुए सभी महादलित टोलों के योग्य लाभुकों की पहचान की जाए ताकि योजना को समय से लागू किया जा सके. समीक्षा के क्रम आरटीपीएस के तहत् प्राप्त आवेदनों को हर हाल में निर्धारित समय सीमा में निष्पादित करने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी दीपेश कुमार, एडीएम शैलेश कुमार,एडीएम आपदा संतोष कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार, जिला विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी हेमंत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जावेद आलम,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, आदि उपस्थित थे।



