
MADHUBANI:- बासोपट्टी में महाविद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा कर किया जा रहा मकान निर्माण
मधुबनी-05 फरवरी। बासोपट्टी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कर्पूरी चौक के समीप राम जानकी महाविद्यालय रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कार्य करने का मामला उजागर हुआ है। इसको लेकर कॉलेज भूमि दाता के पारिवारिक सदस्य सह प्रधान लिपिक ने जयनगर अनुमंडल पदाधिकारी व भूमि उप समाहर्ता के पास लिखित आवेदन देकर शिकायत किया है।
आवेदन के माध्यम से उन्होंने बताया कि विपक्षी मनमाने ढंग से निर्माण कार्य कर रहा है। लेकिन हमारे कॉलेज के रास्ते की जमीन पर अतिक्रमण कर पीछे जमीन पर जाने के मुख्य निजी सड़क को अवरुद्ध कर दिया है। इसको लेकर अंचल अमीन के द्वारा वर्ष 2019 में भी मापी की गई थी। साथ ही अगस्त 2021 में भी वर्तमान अमीन के द्वारा उक्त जमीन की मापी की गई। पहले की मापी में रास्ते की जमीन आगे से दस फिट चोड़ी व पीछे से आठ फिट बताया गया। साथ हीं मापी के अनुरूप स्थल का सीमांकन भी किया गया था। जिसके बाद पुनः दूसरी मापी वर्तमान अमीन के द्वारा किया गया। जिसमें आगे से रास्ता साढ़े 9 फिट व पीछे से 8 फिट बताया गया। आवेदक की मानें तो दोनों मापी में ज्यादा का अंतर नहीं रहने के कारण मापी उन्हें मान्य रहा। लेकिन विपक्षी द्वारा सीओ हर्ष हरि व पूर्व के आंचल अमीन सुनील कुमार जो वर्तमान में जयनगर में कार्यरत हैं। उनको साथ लेकर रास्ते की जमीन को मात्र 6 फिट बताते हुए विपक्षी के प्रभाव में आकर रास्ते पर हीं सीमांकन करवा दिया गया। सीमांकन के बाद से विपक्षी आनन फानन में भवन निर्माण कार्य कर रहे हैं।
मालुम हो कि राम जानकी महाविद्यालय के प्रधान लिपिक अमीरी यादव द्वारा बताया गया है की वर्ष 2019 में तत्कालीन अंचल अमीन कमलेश कुमार सिंह द्वारा खेसरा संख्या 9342(पु) तथा 11491(नया) का सीमांकन किया गया था। अंचल अमीन द्वारा दिए गए मापी प्रतिवेदन में महाविद्यालय परिसर में आने जाने के लिए पूरब से 10 फिट एवं पश्चिम से 8 फीट चौड़ा रास्ता बताया गया था। दुबारा उक्त खेसरा की मापी वर्तमान अंचल अमीन दीपक कुमार के द्वारा अगस्त 2021 में किया गया। साथ हीं मापी प्रतिवेदन अंचलाधिकारी को सौंपा गया। उक्त प्रतिवेदन में अंचल अमीन द्वारा महाविद्यालय परिसर में आने जाने के लिए पूरब दिशा से साढ़े नौ फीट चैड़ा तथा पश्चिम दिशा से आठ फीट चोड़ी सड़क दर्शाया गया है। इसके बावजूद अंचलाधिकारी द्वारा सड़क की चौड़ाई को कम करते हुए मात्र 6 फीट रास्ता महाविद्यालय को सौंपा गया। साथ ही बांकी चार फिट जमीन पर अवैध तरीके से विपक्षी को कब्जा में दे दिया गया है। इसको लेकर थाना सहित अन्य अधिकारीयों के पास कार्य रोकने को लेकर भी आवेदन किया गया है। परंतू अभी तक निर्माण कार्य चल हीं रहा है।
क्या कहते हैं सीओ-
मामले पर बासोपट्टी सीओ हर्ष हरि ने बताया कि मापी के अनुरूप ही सीमांकन किया गया है। जब उनसे पूछा गया कि वर्ष 2019 की मापी प्रतिवेदन व वर्ष 2021 की मापी प्रतिवेदन में लगभग समानता बताते हुए यह दर्शाया गया है कि कॉलेज की भूमि पर जाने के लिए लगभग दस पिट आगे से व आठ फिट पीछे से रास्ता है। ऐसे में रास्ते की जमीन को मात्र 6 फिट बताकर कैसे सीमांकन करवाया जा सकता है। उक्त प्रश्न के बाद अंचलाधिकारी बौखलाकर मोबाइल से हो रही बातचीत को बंद कर दिया।



