मधुबनी- 10 जनवरी। खुटौना थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार और झांझपट्टी गांव में अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन एसटीएफ टीम ने किया है। बिहार एसटीएफ ने गुरुवार देर रात्रि फुलपरास अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और खुटौना थाना पुलिस समेत अन्य थानों की पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी कर यह कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार,यह अवैध फैक्ट्री मेसर्स किसान इंजीनियरिंग वर्क्स के नाम से कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र की आड़ में संचालित हो रहा था। यह फैक्ट्री खुटौना थाना से महज सात सौ मीटर की दूरी पर स्थित था। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में निर्माणाधीन हथियार, उपकरण और सामग्रियां बरामद की गई है। पुलिस ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस अवैध कारोबार के तार मुंगेर तक जुड़े हुए हैं। जहां से कुशल कारीगर इस कारोबार में शामिल थे। इन कारीगरों ने बाबूबरही थाना क्षेत्र के तेघरा गांव में किराए के मकान में रहकर यह कार्य करते थे। खुटौना थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। उन्होने बताया कि शनिवार को वरीय पुलिस अधिकारी इस संबंध में विस्तृत जानकारी देंगे। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर जब 12 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रखंड के दुर्गीपट्टी में प्रगति यात्रा के तहत आने वाले हैं। यह घटना प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल उठाती है। पुलिस और एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। हालांकि, इस नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों को पकड़ने के लिए पुलिस को अभी और मेहनत करनी होगी। इधर इस घटना से खुटौना और झांझपट्टी के लोग स्तब्ध हैं। खुटौना बाजार, जिसे व्यापारिक क्षेत्र के रूप में शांतिपूर्ण माना जाता था। वहां गन फैक्ट्री के खुलासे ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोगों ने ऐसी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
