
MADHUBANI:-एसएसबी मुख्यालय के लिए कृषि योग्य जमीन अधिग्रहण से किसानों में आक्रोश
मधुबनी-15 अप्रैल। जयनगर प्रखंड क्षेत्र के दुल्लीपट्टी गांव में कृषि योग्य भूमि पर एसएसबी द्वारा प्रस्तावित मुख्यालय निर्माण को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा जमीन अधिग्रहण के विरोध में शुक्रवार को दुल्लीपट्टी पंचायत के मुखिया सह मुखिया महासंघ मधुबनी जिला अध्यक्ष रुपम कुमारी के आवास पर गांव के किसानों की एक बैठक समाजसेवी विरेन्द्र यादव के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने एक सुर में सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि एसएसबी मुख्यालय निर्माण के लिए और भी जगह बंजर भूमि उपलब्ध होने के बावजूद कृषि योग्य जमीन को अधिग्रहण करने पर तुली हुई हैं।
जिला प्रशासन के द्वारा उक्त जमीन को अधिग्रहण करने पर किसानों ने कानून पर भरोसा जताते हुए कानून का पालन कर जमीन के चारों ओर ग्रामीणों के द्वारा गांधीवादी तरीके से मानव श्रृंखला निर्माण कर विरोध करने की बात कही। किसानों ने कहा कि पूर्व में भी जब देशहित के लिए ओएनजीसी के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया तो हम लोगों ने समर्थन किया था। लेकिन आज एसएसबी मुख्यालय हेतु अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी दूर कृषि योग्य जमीन को अधिग्रहण किया जा रहा है। बैठक के माध्यम से किसानों ने कहा कि उक्त जमीन बहुफसली के साथ मालगुजारी, सिंचाई हेतु पटवन रशीद भी ससमय कटाया जा रहा है।
दुल्लीपट्टी पंचायत का सर्वाधिक उपजाऊ जमीन होने पर बीते वर्ष क्राप मशीन के माध्यम से जिला पदाधिकारी ने धान कटाई किया है। जबकि उक्त जमीन के दोनों ओर नहर निर्माण के लिए सरकार के द्वारा जमीन अधिग्रहण की हैं। किसानों ने कहा है कि कोई भी कृषि योग्य जमीन अधिग्रहण के लिए 80 प्रतिशत किसानों की सहमति जरूरी होती है। जबकि ऐसा नहीं किया गया है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के द्वारा परिवाद दायर किया गया है। जिसका अंतिम फैसला अभी तक नहीं आया है। बावजूद उक्त जमीन को अधिग्रहण करने की बात कही जा रही है। सरकार के द्वारा उक्त जमीन को अधिग्रहण की जाती है तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे।
किसानों ने बताया कि किसानों से बिना जमीन के कागजात लिए ही अधिग्रहण करना संवैधानिक नहीं है। बैठक में शिक्षाविद् मनीष कुमार,पूर्व मुखिया चंद्रमोहन सिंह,भोगेन्द्र झा,अनिल कुमार ठाकुर,पांडव मुखिया,देव किशोर यादव,मदन यादव,सूर्य नारायण सिंह,राज कुमार पंडित,चंदेश्वर यादव,विनोद सिंह,सत्य नारायण सिंह,विमल प्रसाद गुप्ता,गंगोई सिंह,विनय कुमार गुप्ता,महेंद्र महतो,श्यामा नंद झा,राम विलास सिंह समेत दर्जनों की संख्या में किसानों ने अपनी बात रखी।



