बिहार

MADHUBANI:- पुश्तैनी जमीन के मालिक को बना दिया भू-माफिया, रहिका थानाध्यक्ष पर दो लाख रिश्वत मांगने का आरोप, SP और DGP को आवेदन देकर न्याय की गुहार

मधुबनी- 03 जूलाई। रहिका थाना क्षेत्र के गांव मलंगिया से एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। जहां पुश्तैनी जमीन के मालिक राजेश कुमार यादव एवं राकेश कुमार यादव को भू-माफिया बनाकर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। वहीं रहिका थानाध्यक्ष पर सहयोग करने के नाम पर दो लाख की रिश्वत मांगने का आरोप जमीन मालिक राजेश कुमार यादव एवं राकेश कुमार यादव की मां एवं स्वर्गीय इंद्रदेव यादव की पत्नी पीड़िता सैल देवी ने लगाया है। इसे लेकर पीड़िता मसोमात सैल देवी ने पुलिस अधीक्षक मधुबनी को आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। पीड़िता मसोमात सैल देवी के द्वारा आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक दरभंगा एवं पुलिस महानिदेशक पटना को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक मधुबनी को दिए गए आवेदन में मसोमात सैल देवी ने लिखा है कि मेरे पति इंद्रदेव यादव की मृत्यु वर्ष 1990 में हो गई। पति के मृत्यु के बाद मेरे ससुर एवं दोनों देवर सभी ने मिलकर मुझे बच्चों सहित घर से निकाल दिया। तथा सम्पति में हिस्सा देने से इंकार कर दिया। मैं करीब 15 वर्षों तक मायके में रहकर किसी तरह मजदूरी कर अपने बच्चों का भरण पोषण किया। मसोमात सैल देवी ने आवेदन में उल्लेख किया हैं कि वर्ष 2005 में ससुराल आकर संपति मे बंटवारा के लिए मुखिया एवं गणमान्य लोगों से निवेदन कर पंचायत बैठाई। पंचायत में शर्त के मुताबिक मुझे घर से दूर सड़क किनारे खेसरा नंबर 1914 के दक्षिण से दो कट्ठा पांच धुर जो गड्ढा था, मुझे घरारी के रुप मे रहने के लिए दिया गया। वहीं सभी फरीकेन एवं पंचों की रजामंदी से वर्ष 2005 में ही जमीन का मापी कराकर पंचनामा बंटवारा एग्रीमेंट बनाकर मुझे दखल कब्जा करा दिया। पंचनामा में दिए गए हिस्से के अनुसार मैंने दक्षिण से वर्ष 2023 में दो कट्ठा पांच धुर जमीन अपने दोनों पुत्र राकेश कुमार यादव एवं राजेश कुमार यादव के नाम केवाला कर दिया। वहीं मसोमात सैल देवी के पुत्र राकेश कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मां से केवाला से प्राप्त जमीन से संबंधित सभी कागजात मेरे पास हैं। उन्होंने बताया की जमीन का रसीद कट रहा हैं। जमाबंदी नंबर एवं अमीन के नापी का प्रतिवेदन भी मेरे पास हैं। पीड़ित राकेश कुमार यादव ने बताया कि इधर अपने जमीन मे जब-जब मकान निर्माण करना प्रारंभ करते हैं, तो मेरे फरीकेन विवाद करते हैं। तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस बात की सूचना मेरे द्बारा रहिका थानाध्यक्ष को लगातार दी गई। उन्होने थानाध्यक्ष को जमीन से संबंधित सभी कागजात भी दिखाये। जहां थानाध्यक्ष ने आश्वासन भी दिया कि आपका कागजात सही हैं, आपकी मदद करेंगे। परंतू उन्होंने किसी भी तरह की मदद नहीं किया। पीड़ित राकेश यादव ने रहिका थानाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए बताया कि थानाध्यक्ष के द्वारा जमीन पर मकान निर्माण में मदद करने के एवज में दो लाख के रिश्वत की मांग की गयी। हमने उनसे कहा कि मेरे पास जमीन के सभी कागजात मौजूद हैं और वैद्य हैं, तो हम आपको रिश्वत के रुप में इतनी बड़ी राशि क्यों दे। हमने रिश्वत की राशि देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि उसके बाद जब हमने अपने जमीन पर मकान निर्माण करवाना प्रारंभ किया, तो मेरे फरिकेन के द्वारा विरोध किया गया। जिसकी सूचना मिलने पर रहिका थाना पुलिस दलबल के साथ आयी। तथा रिश्वत की मांग पूरा नही करने पर उन्होने दुर्भावना और अपने शक्ति का दुरुपयोग किया। वहीं मेरे द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केंद्र से ग्राहक की सात बाईक जब्त कर थाना ले गयी। इसके साथ ही मेरे फरीकेन के आवेदन पर हमलोगों के ऊपर भू-माफिया होने की प्राथमिकी दर्ज कर दिया। जब हमलोगों ने कार्रवाई के विरोध दर्ज कर जब्त बाईक छोड़ देने के लिए कहा, तो बाईक छोड़ने के लिए भी थानाध्यक्ष द्वारा अलग से रिश्वत की मांग गई। जिसे देने से हमलोगों ने इंकार कर दिया। जब मेरी मां ने अपने फरीकेन के खिलाफ आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने के निवेदन किया, तो उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया। पीड़ित राकेश कुमार यादव ने बताया कि न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक मधुबनी समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों को आवेदन देकर गुहार लगाया है। इधर रहिका थानाध्यक्ष ने आरोपों को निराधर बताया है।

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