
MADHUBANI:- दो युनिट रक्त देकर बच्चे की बचायी गई जांच
मधुबनी-03 जनवरी। पंडौल प्रखंड के विभिन्न गाँव में 8 महीना से लगातार रक्तदान के प्रति अलख जगाने के साथ जरूरतमंद, निसहाय को रक्त उपलब्धता करने का काम अयाची नगर युवा संगठन के संस्थापक विक्की मंडल और उनके टीम के द्वारा किये जा रहा है। बतादें कि लोगों में अब यह धारणा बन चुकी है विक्की और उनका टीम है तो रक्त की वजह से किसी की जिंदगी को खतरा नहीं होगा । टीम द्वारा अभी तक 40 से अधिक लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर जान बचाया जा चुका हैं । साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान के प्रति जो डर है उन सभी को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। संगठन द्वारा गाँव के अंदर ही समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाया जाता है। जिससे गांव के लोगों का रक्तदान के प्रति जो भय है वो समाप्त हो और रक्तदान के प्रति जागरूक हो।
बीते दिन झंझारपुर, कैथिनिया के एक 7 साल के बच्चा के लिए खून की आवश्यकता पड़ी । बच्चे का हेमोग्लोबिन कम था। रक्त चढ़ाना अत्यंत जरूरी था। परिजन संस्था से संपर्क किया। संस्था द्वारा एक यूनिट ब्लड बच्चा के लिए प्रदान किया गया। साथ एक 26 वर्षीय महिला जिनका प्लेटलेट 40000 हो गया था, स्तिथि विरल थी। उनको प्लेटलेट चढ़ाना अत्यंत जरूरी था। परिजन डॉक्टर के डिमांड अनुसार पूर्ति नही कर पा रहे थे और चिंतित थे। संस्था से संपर्क उपरांत 2 यूनिट प्लेटलेट प्रदान किया गया।
बातदें पिछले कुछ महिनों से देखा जा रहा है कि अयाची नगर युवा संगठन के सदस्य अपना रक्तदान कर जरुरतमंद रोगियों को रक्त देते हैं और उनकी अमूल्य ज़िन्दगी की रक्षा कर रहे हैं। ऐसे अबतक कई लोग हैं जिनकी धमनियों में इन रक्तवीरों का रक्त बह रहा है। ऐसा भी नहीं कि ये रक्तवीर केवल अपने क्षेत्र के लोगों की जान बचाते हैं,अपितु कहीं से भी अगर इनके पास मदद की गुहार आती है तो ये तुरन्त रक्त उपलब्ध करवाने का महान काम कर रहे हैं।संगठन के संस्थापक विक्की मंडल बताते हैं रक्तदान करने से किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं होती है। युवाओं को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए। ताकि ब्लड बैंक में ब्लड भरा रहे। रक्तदान के लिए धन की जरूरत नहीं है, एक बड़ा दिल और मुफ्त मन की जरूरत होती है ।रक्तदान करने से बहुत सारी बीमारियां भी शरीर से दूर रहती है।



