
जल के बगैर जीवन की कल्पना नहीं, इसकी बर्बादी को रोकना हरेक नागरिकों का कर्तव्य
मधुबनी- 23 मार्च। जदयू सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने कहा कि जल के बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।

इसका संरक्षण जरुरी है। जल के महत्व को समय रहते नहीं समझा गया तो आने वाले समय में इसका खामियाजा नई पीढ़ी को भुगतना पड़ सकता है। जल संरक्षण के लिए हरेक लोगों को आगे आना होगा। विश्व जल दिवस की आवश्यकता और इसके महत्व पर चर्चा करते हुए शहर के यूवा समाजसेवी आदित्य नारायण गुप्ता अजीत ने कहा कि जल संरक्षण समय की मांग बन गई है।

इसके लिए लोगों को आगे आने का आह्वान करतै हुए कहा कि प्रकृति का अनुपम उपहार जल संरक्षण से दुनिया को एक नई संदेश दे सकते हैं। इसके लिए वर्षा जल संरक्षण के साथ जल के दुरुपयोग रोकने के लिए जागरुक होना होगा। जल की बर्बादी को रोकना हरेक नागरिकों का कर्तव्य होता है। वर्षा जल का संचय जरूरी हो गया है।आम लोगों की सूझबूझ और सजगता के बगैर जल संचय में सफलता नहीं मिल सकता है।

रीयल राइट्स आफ ह्यूमन के अध्यक्ष रजनीश झा ने कहा कि साल दर साल गर्मी के मौसम में भूजल स्तर में गिरावट के चलते शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में पानी की किल्लत सामने आता रहा है। जल के बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। जल के महत्व को समय रहते नहीं समझा गया तो भविष्य में जलसंकट पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है।

वहीं, संजीत कुमार मिश्र ने कहा कि जल संरक्षण के साथ-साथ जल की शुद्धता पर ध्यान देना अवशयक हो गया है। दूषित जल पीने से पेट संबंधित तरह तरह की बीमारियों का प्रकोप बढ़ जता है। इससे बचने के लिए लोगों को जल की शुद्धता की जांच कराया कराया जना चाहिए। जल की शुद्धता की जांच के लिए पीएचईडी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। नगर निगम क्षेत्र के तहत नल जल योजना के तहत उपलब्ध जल की जांच किया जाना चाहिए।



