
LG मनोज सिन्हा को हैदरपोरा में हुई नागरिक मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए: महबूबा मुफ्ती
श्रीनगर, 20 नवंबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली तक अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को हैदरपोरा में हुई नागरिक मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हैदरपोरा जैसी घटनाएं यूं ही जारी रहीं तो आने वाला वक्त बहु़त ही खराब होगा।
महबूबा मुफ्ती कुपवाड़ा में स्थानीय जन प्रतिनिधिमंडलों और पीडीपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की एक बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण व स्थायी समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की भी वकालत की। हैदरपोरा में गत दिनों एक मुठभेड़ हुई नागरिक मौतों से संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बहुत बुरा हुआ है, यहां जुल्म की इंतहा हो गई है। उपराज्यपाल को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यहां जो निजाम हैं वह उसके प्रमुख हैं। दिल्ली की सरकार के भी वह जम्मू कश्मीर में प्रतिनिधि हैं। यहां के लोगों के जान-माल की हिफाजत की जिम्मेदारी उनकी है।
महबूबा मुफती ने कहा कि तीसरे युवक आमिर मागरे की लाश उसके परिजनेां को नहीं दी गई है। उसके पिता को आतंकी को मारने पर सम्मानित किया गया है और आज वह अपने बेटे की लाश के लिए भटक रहा है। मेरा मानना है कि इस तरह के जुल्मो सितम से हालात सुधरेंगे नहीं बल्कि और बिगड़ेंगे।
कृषि सुधार कानूनों केा वापस लिए जाने के बाद अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली की संभावना संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी बदकिस्मती यह है कि हमारे पास उत्तर प्रदेश और पंजाब की तरह सैंकड़ों संसदीय सीटें नहीं हैं। हमारे पास लददाख की एक सीट मिलाकर मात्र पांच सीटे हैं जिससे हम संसद में प्रभावी हो पाएं। मेरा मानना है कि दुनिया में कोई चीज नामुमकिन नहीं है। भाजपा को अनुच्छेद 370 हटाने में 70 साल लगे इसलिए हो सकता है कि हमें 70 महीने लंगे या 70 दिन हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार की पाकिस्तान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत का दावा करते हुए कहा कि करतारपुर कारिडोर दोबारा खोला गया तो क्या उसके लिए हमने पाकिस्तान से बातचीत नहीं की।



