विश्व

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कानूनी अधिकार: ईरानी विदेश मंत्री

तेहरान- 27 मार्च। पश्चिम एशिया में पिछले 28 दिनों से जारी युद्ध के बीच ईरान के विदेश के मंत्री सैयद अब्बास अराकची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगियों से संबंधित या उनसे जुड़े जहाज़ों को गुज़रने से रोकना ईरान का कानूनी अधिकार है।

अराकची ने ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ फ़ोन पर बातचीत के दौरान कीं। दोनों नेताओं ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के सुरक्षा और मानवीय परिणामों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को एक बयान में बताया कि ईरानी विदेश मंत्री ने गुटेरेस को संघर्ष के नवीनतम घटनाक्रमों और अमेरिका तथा इजराइल द्वारा किए गए अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की “वैध” रक्षा जारी रखने के ईरान के दृढ़ संकल्प पर ज़ोर दिया।

उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक इमारतों, सार्वजनिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों सहित नागरिक ठिकानों पर अमेरिका और इज़राइल के “बर्बर” हमलों की निंदा की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की इस ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डाला कि वह आक्रमणकारियों द्वारा किए गए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून (जिसमें मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून शामिल हैं) के “घोर उल्लंघनों” पर कार्रवाई करे।

अराकची ने कुछ पक्षों की उन स्थितियों और एकतरफ़ा अनुरोधों की आलोचना की जिनमें ईरान से संयम बरतने और युद्ध रोकने की अपील की गई थी। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “इस स्पष्ट तथ्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए कि यह अमेरिका ही था जिसने इज़राइल के साथ मिलकर ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य आक्रमण शुरू किया और कूटनीति के साथ बार-बार विश्वासघात करके तथा सभी क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा और हितों को ख़तरे में डालकर इस क्षेत्र और दुनिया पर युद्ध थोप दिया।”

उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा अमेरिका और इज़राइल के “कानून तोड़ने और आक्रमण” का सीधा परिणाम है। उन्होंने एक तटीय देश के रूप में ईरान के इस अधिकार को कानूनी अधिकार बताया कि वह अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगियों से संबंधित या उनसे जुड़े जहाज़ों को वहाँ से गुज़रने से रोक सके।

अराकची ने कहा कि इस जलमार्ग में नौवहन की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी ज़िम्मेदारियों से भली-भांति अवगत होते हुए भी ईरान के संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक उपाय किए हैं। दूसरी ओर गुटेरेस ने देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की आवश्यकता पर संयुक्त राष्ट्र के सैद्धांतिक रुख को रेखांकित किया और क्षेत्रीय संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button