
कुवैत के अल-उदैरी बेस पर ईरान का हमला, 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक जख्मी
तेहरान/कुवैत सिटी- 12 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के 13वें दिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि कुवैत स्थित अल-उदैरी एयर बेस पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। यह हमला “ट्रू प्रॉमिस 4” ऑपरेशन की 38वीं लहर का हिस्सा था, जिसका कोडनेम “या हैदर अल-कर्रार” रखा गया था।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी और टीवी100 ने बताया कि ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने बयान में कहा कि उनकी नेवी ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली अभियान चलाया। इसके तहत अल-उदैरी हेलीकॉप्टर बेस पर एक साथ दो भारी मिसाइल हमले किए गए, जिनके बाद बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। सभी घायल सैनिकाें को कुवैत के अल-जबर और अल-मुबारक अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बयान में यह भी दावा किया गया कि बहरीन के मीना सलमान पोर्ट स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट सैन्य मुख्यालय पर ईरान ने मिसाइल व ड्रोन से हमला किया गया। इसमें उनके कई महत्वपूर्ण सिस्टम और सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
आईआरजीसी ने दावा किया कि पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, इक्विपमेंट वेयरहाउस और अमेरिकी सैनिकों के रहने वाले बैरकों को भी नुकसान पहुंचा है। साथ ही कुवैत में मौजूद मुहम्मद अल-अहमद और “अली अल-सलेम” नेवल बेस भी इस हमले से प्रभावित हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक “दुश्मन पूरी तरह आत्मसमर्पण नहीं कर देता।”
इस बीच ईरान की सेना ने यह भी दावा किया कि उसने इजराइल के कई सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है। इनमें इजराइली सेना के मिलिट्री इंटेलिजेंस संगठन की यूनिट 8200, ग्रीन पाइन रडार सिस्टम और हाइफा नेवल बेस का मुख्यालय शामिल हैं। इन हमलों से इजराइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला शुरू किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल के कब्जे वाले इलाकों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।



