विश्व

ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें, कठोर लहजे में डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत का दावा खारिज

तेहरान/इजराइल- 25 मार्च। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के थमने के आसार नजर नहीं आ रहे। 28 फरवरी से आसमान से मौत बरस रही है। स्थिति और खराब होने का खतरा है। ईरान के सर्वोच्च सैन्य निकाय खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने आज कठोर लहजे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के दावे को खारिज कर दिया। निकाय ने कहा कि युद्ध नहीं रुकेगा। उधर, ईरान ने आज इजराइल पर जोरदार हवाई हमला किया है।

ईरान के प्रेस टीवी, मेहर न्यूज एजेंसी, तसनीम न्यूज एजेंसी, अल जजीरा चैनल और द टाइम्स ऑफ इजराइल अखबार की रिपोर्ट्स के अनुसार सर्वोच्च सैन्य निकाय ने अब से कुछ देर पहले साफ कर दिया है कि ट्रंप का बातचीत का दावा बिलकुल बेमानी है। उसमें कोई दम नहीं है। ईरान आखिरी सांस तक इस लड़ाई को लड़कर अंजाम तक पहुंचाएगा। ईरानी सेना के इस रुख से पहले इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजराइल में ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ की 80वीं लहर को अंजाम दिया है। इस लहर के दौरान इजराइल के उत्तरी हिस्से में मौजूद रणनीतिक ठिकानों और सैन्य केंद्रों पर हमला किया गया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी चौकियों पर भी जोरदार प्रहार किया है।

आईआरजीसी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह हमला लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किए गए हमलों के प्रतिरोध में किया गया है। इजराइल के उत्तरी शहर सफेद में सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया है। आईआरजीसी ने कहा कि इजराइल डिफेंस फोर्सेज के उत्तरी जमावड़े वाले ठिकानों और गाजा पट्टी पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाएंगे। तेल अवीव, किर्यात शमोना और बेनी बराक के अलावा कुवैत में अली अल-सलेम और आरिफजान, जॉर्डन में अल-अजराक, और बहरीन में शेख ईसा स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं।

आईआरजीसी ने आरोप लगाया है कि 28 फरवरी को इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या के बाद अमेरिकाऔर इजराइल ने ईरान के खिलाफ बिना किसी उकसावे के सैन्य अभियान शुरू किया था। इन हमलों में पूरे ईरान में सैन्य और नागरिक, दोनों तरह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए। इससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ।इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई की है।

खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा, “जिस रणनीतिक ताकत का आप घमंड कर रहे थे, वह अब एक रणनीतिक हार में बदल गई है। एक स्व-घोषित महाशक्ति, अगर इस मुश्किल हालात से बच निकल पाती, तो अब तक ऐसा कर चुकी होती।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को यह भी सलाह दी कि वे अपने देश की पराजय को कोई समझौता न कहें। बयान में अमेरिका से कहा गया, “आपके वादों का दौर अब खत्म हो चुका है। आज दुनिया में दो पक्ष हैं- सच्चाई और झूठ और आजादी चाहने वाला हर इनसान आपकी मीडिया की सुर्खियों से प्रभावित नहीं होगा।”

प्रवक्ता ने अमेरिका से कहा, “क्या आपके आपसी टकराव इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं? इस क्षेत्र में आपके निवेश की न तो कोई खबर मिलेगी और न ही आपको ऊर्जा और तेल की पुरानी कीमतें फिर कभी देखने को मिलेंगी, जब तक आप यह न समझ लें कि इस क्षेत्र में स्थिरता की गारंटी हमारे सशस्त्र बलों के मजबूत हाथों में है। स्थिरता ताकत से ही आती है।” उन्होंने कहा कि ईरान साफ तौर पर यह ऐलान करता है कि जब तक हमारी मर्जी शामिल नहीं होगी, तब तक कोई भी स्थिति अपने पुराने रूप में वापस नहीं लौटेगी। ऐसा तभी होगा, जब ईरानी राष्ट्र के खिलाफ कोई भी कदम उठाने का विचार आपके गंदे दिमागों से पूरी तरह मिट जाएगा।”

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