भारत

भय नहीं, भरोसे से आएगा पश्चिम बंगाल में निवेशः नरेन्द्र मोदी

हल्दिया- 09 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि निवेश का माहौल डर से नहीं बल्कि भरोसे से बनता है, जो केवल भाजपा ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं, बल्कि “बंगाल के वैभव को पुनर्स्थापित करने” का चुनाव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का केंद्र हुआ करता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने राज्य को विकास के पैमानों पर पीछे धकेल दिया है। उन्होंने हल्दिया के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि प्राचीन काल में यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार का प्रमुख केंद्र था और आधुनिक भारत में भी एक बड़ा औद्योगिक हब रहा है, लेकिन अब यहां की फैक्टरियां बंद हो रही हैं।

मोदी ने तृणमूल पर “भय और सिंडिकेट की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उद्योग और फैक्टरियां “गुंडाराज” से नहीं बल्कि भरोसे से चलती हैं। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां विकास और निवेश का माहौल इसी भरोसे पर खड़ा हुआ है और बंगाल में भी ऐसा ही मॉडल लागू किया जाएगा।

रोजगार और पलायन के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी हल्दिया में लोग रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज यहां के युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार में निजी क्षेत्र में अवसर सीमित हैं और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे युवाओं के सपने टूटे हैं।

राजनीतिक हमले को तेज करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में “कट मनी और कमीशन” का सिस्टम चल रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल के लोग इस बार बदलाव का मन बना चुके हैं और भाजपा की जीत का उत्साह जनता में साफ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने नंदीग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि पांच साल पहले वहां के नतीजों ने परिवर्तन का रास्ता दिखाया था और अब भवानीपुर में भी वही दोहराया जाएगा। यह संकेत था 2021 के विधानसभा चुनाव में हुए मुकाबले का, जहां सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी थी।

धर्म आधारित आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने तृणमूल सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह अपने वोटबैंक को साधने के लिए संविधान के खिलाफ जाकर नीतियां बना रही है। उन्होंने कहा कि अदालतें इस तरह के प्रयासों को बार-बार खारिज कर चुकी हैं, लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति के कारण सरकार न तो न्यायपालिका का सम्मान कर रही है और न ही संविधान का।

मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर सभी योजनाएं संविधान के अनुसार लागू की जाएंगी और हर वर्ग को उसका अधिकार मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से माहिष्य समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” के कारण देश में मछली और झींगा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन बंगाल में इस योजना को ठीक से लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार “पीएम” नाम से जुड़ी योजनाओं को या तो बदल देती है या लागू नहीं करती।

इसी संदर्भ में उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना गरीबों और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देती है, लेकिन बंगाल में इसे लागू नहीं होने दिया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण जनता का नुकसान हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने “डबल इंजन सरकार” की वकालत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास तेज होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में बंदरगाह आधारित विकास, ब्लू इकॉनमी और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों और मछुआरों को सीधा लाभ होगा।

मोदी ने रोजगार सृजन का वादा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में भी रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को अधिक अवसर मिल सकें। बंगाल में परिवर्तन की लहर चल पड़ी है और जनता भय की राजनीति को खत्म कर विकास और विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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